Edited By Parveen Kumar,Updated: 24 Mar, 2026 09:33 PM

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय जहाज ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। दोनों जहाजों ने सोमवार को यह संवेदनशील समुद्री मार्ग पार किया और अब भारतीय...
नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय जहाज ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। दोनों जहाजों ने सोमवार को यह संवेदनशील समुद्री मार्ग पार किया और अब भारतीय नौसेना की सुरक्षा में अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों के दो से चार दिनों में भारत पहुंचने की उम्मीद है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों जहाजों पर कुल 92,612.59 टन एलपीजी लदी है, जो भारत की एक दिन की खपत के बराबर बताई जा रही है। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट पार करने से पहले ये जहाज ईरान के लारक और क़ेश्म द्वीपों के बीच से होकर गुजरे थे, जहां जांच के बाद इन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस तरह की जांच यह सुनिश्चित करने के लिए करता है कि जहाज और उसमें लदा माल अमेरिकी न हो।
जहाजों पर कुल 60 भारतीय नाविक सवार हैं, जिनमें ‘जग वसंत’ पर 33 और ‘पाइन गैस’ पर 27 क्रू सदस्य शामिल हैं। ‘जग वसंत’ के 26 मार्च को कांडला पोर्ट और ‘पाइन गैस’ के 28 मार्च को मंगलोर पोर्ट पहुंचने की संभावना है।
गौरतलब है कि जंग शुरू होने के बाद अब तक चार भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत पहुंच चुके हैं। पिछले सप्ताह ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नामक जहाज भी सुरक्षित भारत लौटे थे, जिन पर करीब 92,700 टन एलपीजी लदी थी।
हालांकि, अभी भी करीब 20 भारतीय जहाज होर्मुज क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिनमें से पांच जहाज एलपीजी लेकर खड़े हैं। ऐसे में इन जहाजों की सुरक्षित वापसी भारत के लिए काफी अहम मानी जा रही है।