Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Jan, 2026 10:12 AM

उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक नया कदम उठाया है। अब राज्य सरकार के तहत काम करने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन मानव संसाधन पोर्टल (ehrms.upsdc.gov.in) पर दर्ज करना अनिवार्य...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक नया कदम उठाया है। अब राज्य सरकार के तहत काम करने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन मानव संसाधन पोर्टल (ehrms.upsdc.gov.in) पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इस प्रणाली के तहत करीब 8 लाख से अधिक कर्मचारी शामिल होंगे।
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी समय पर अपनी संपत्ति की जानकारी नहीं देता है, तो उसकी जनवरी 2026 की तनख्वाह रोक दी जा सकती है। साथ ही, 1 फरवरी 2026 को होने वाली डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठक में भी प्रमोशन के लिए उन्हें विचार नहीं किया जाएगा।
संपत्ति विवरण जमा करने की अंतिम तारीख और प्रक्रिया
चीफ सेक्रेटरी ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति संबंधी जानकारी 31 जनवरी 2026 तक अपडेट करनी होगी। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
संपत्ति विवरण जमा करने का तरीका:
- आधिकारिक वेबसाइट ehrms.upsdc.gov.in पर जाएं।
- अपने यूजर ID (Employee Code) और पासवर्ड से लॉगिन करें। पासवर्ड भूल जाने पर ‘Forgot Password’ विकल्प चुनें।
- लॉगिन करने के बाद “Property Details” या “Property Declaration” का विकल्प चुनें।
- अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण सही-सही भरें, जैसे संपत्ति का प्रकार, स्थान और संभावित मूल्य।
- फॉर्म को सेव करके सबमिट करें। सबमिट करने के बाद आपको कन्फर्मेशन मैसेज मिलेगा।
- इस कदम के पीछे योगी सरकार का मकसद भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और सरकारी कर्मचारियों की पारदर्शिता बढ़ाना है।