6 घंटे गिनती, 60 मिनट सर्जरी... 70 वर्षीय व्यक्ति के पित्ताशय से निकला पथरियों का भंडार, डॉक्टर भी रह गए हैरान!

Edited By Updated: 23 May, 2025 12:39 PM

gurugram 8125 stones removed from gall bladder of a patient

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट गुरुग्राम के डॉक्टरों ने एक अत्यंत दुर्लभ सर्जरी कर चिकित्सा जगत को चौंका दिया है। डॉक्टरों की एक टीम ने 70 वर्षीय एक मरीज के पित्ताशय से अविश्वसनीय रूप से 8,125 पथरी (गॉलस्टोन्स) सफलतापूर्वक निकाली हैं। इस सर्जरी...

नेशनल डेस्क। फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट गुरुग्राम के डॉक्टरों ने एक अत्यंत दुर्लभ सर्जरी कर चिकित्सा जगत को चौंका दिया है। डॉक्टरों की एक टीम ने 70 वर्षीय एक मरीज के पित्ताशय से अविश्वसनीय रूप से 8,125 पथरी (गॉलस्टोन्स) सफलतापूर्वक निकाली हैं। इस सर्जरी के बाद मरीज को कई वर्षों से हो रही असहनीय पीड़ा और बेचैनी से राहत मिली है।

मरीज कई वर्षों से पेट दर्द, रुक-रुक कर बुखार आना, भूख न लगने और कमजोरी की शिकायत से जूझ रहे थे और उन्हें सीने में भी भारीपन महसूस हो रहा था।

सफल सर्जरी: डॉ. अमित जावेद की टीम का कमाल

डॉ. अमित जावेद, सीनियर डायरेक्टर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ऑन्कोलॉजी और डॉ. नरोला येंगर, प्रिंसीपल कंसल्टेंट – जीआई, जीआई ऑन्कोलॉजी, मिनिमल एक्सेस एंड बेरियाट्रिक सर्जरी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट गुरुग्राम के नेतृत्व में डॉक्टरों की कुशल टीम ने इस जटिल और चुनौतीपूर्ण मामले को संभाला। करीब एक घंटे तक चली लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के दौरान मरीज के पित्ताशय की थैली से हजारों पथरी निकाली गईं जिससे उनकी वर्षों पुरानी तकलीफ दूर हुई।

असहनीय दर्द के बाद अस्पताल पहुंचे मरीज

शुरुआत में मरीज इलाज करवाने के लिए अनिच्छुक थे लेकिन जब उनका दर्द लगातार बढ़ता गया और नियंत्रण से बाहर हो गया तो उन्हें गंभीर हालत में फोर्टिस गुरुग्राम लाया गया। यहां भर्ती करने पर उनके पेट का तत्काल अल्ट्रासाउंड किया गया जिसमें उनके पित्ताशय में काफी भारीपन दिखाई दिया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत मिनिमली इनवेसिव लैप्रोस्कोपिक सर्जरी करने का निर्णय लिया। सर्जरी के दो दिन बाद ही मरीज को स्थिर अवस्था में अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।

 

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सर्जरी से ज़्यादा समय स्टोन गिनने में लगा

सर्जरी के बाद भी डॉक्टरों की टीम का काम खत्म नहीं हुआ था। सपोर्ट टीम को मरीज के पित्ताशय से निकाली गई पथरी की गिनती करनी थी जिसमें घंटों लग गए। गिनती पूरी होने के बाद टीम ने पाया कि यह आंकड़ा आश्चर्यजनक रूप से 8,125 था।

इस मामले की जानकारी देते हुए डॉ. अमित जावेद ने कहा, "यह मामला वाकई दुर्लभ था भले ही अभूतपूर्व न रहा हो। यदि पित्ताशय की पथरी का उपचार नहीं किया जाए तो धीरे-धीरे पथरी बढ़ती रहती है।"

 

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मरीज की उपेक्षा से बढ़ी समस्या

डॉ. जावेद ने आगे बताया, इस मामले में मरीज द्वारा पिछले कई वर्षों तक उपेक्षा का ही नतीजा था कि पथरी इस हद तक बढ़ गई थी। यदि अब और देरी की जाती तो मरीज की हालत काफी बिगड़ सकती थी और पित्ताशय में इंफेक्शन, पेट दर्द की और गंभीर शिकायत भी हो सकती थी। डॉ. अमित ने यह भी बताया ऐसे में भी इलाज न कराया जाए तो गॉलब्लैडर में पस (मवाद) बनने लगता है और गॉलब्लैडर की भीतरी सतह भी सख्त होने लगती है और इसमें फाइब्रॉसिस भी हो सकता है यहां तक की गॉलब्लैडर के कैंसर की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और उन्हें कोई खास बेचैनी भी नहीं है। इस मामले को दुर्लभ बनाया मरीज के पित्ताशय में इतनी बड़ी संख्या में मौजूद पथरी ने जो आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल से बनी होती हैं और अक्सर इनका संबंध मोटापे तथा अधिक-कोलेस्ट्रॉल युक्त खुराक से होता है।

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