Edited By Mehak,Updated: 09 Jan, 2026 02:05 PM

कैंसर एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जिसमें शरीर की कुछ कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं और आसपास के अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं। सबसे आम कैंसर फेफड़े, ब्रेस्ट, कोलन-रेक्टम, प्रोस्टेट, लिवर और पेट में पाया जाता है। इसके कारणों में तंबाकू, प्रदूषण,...
नेशनल डेस्क : कैंसर एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जिसमें शरीर की कुछ कोशिकाएं बिना किसी नियंत्रण के बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं धीरे-धीरे आसपास के टिश्यू और अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं। कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन कुछ अंगों में इसकी संभावना ज्यादा होती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कोशिकाएं कितनी तेजी से बदलती हैं, प्रदूषण या संक्रमण का असर, उम्र और पारिवारिक इतिहास।
सबसे ज्यादा पाए जाने वाले कैंसर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में सबसे आम कैंसर हैं:
- फेफड़ों का कैंसर – आमतौर पर धूम्रपान और प्रदूषण के कारण होता है।
- ब्रेस्ट कैंसर – स्तनों की नलिकाओं और ग्रंथियों में बनता है, हार्मोन इसका बड़ा कारण हैं।
- कोलन-रेक्टम (आंत) का कैंसर – आंतों की तेजी से बदलती कोशिकाओं के कारण।
- प्रोस्टेट कैंसर – ज्यादा उम्र के पुरुषों में पाया जाता है।
- लिवर कैंसर – हेपेटाइटिस वायरस, शराब या पुरानी लिवर बीमारी से जुड़ा।
- पेट का कैंसर – खराब खान-पान और लंबे समय तक बैक्टीरिया संक्रमण से होता है।
कैंसर होने के कारण
कैंसर तब होता है जब कोशिकाओं का डीएनए खराब हो जाता है और वे अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- वंशानुगत जीन में बदलाव
- हेपेटाइटिस या HPV जैसे संक्रमण
- तंबाकू और शराब का सेवन
- केमिकल्स या प्रदूषण के संपर्क में रहना
- रेडिएशन का अधिक असर
- हार्मोन में गड़बड़ी
- शरीर में लंबे समय तक सूजन रहना
किन लोगों में जोखिम ज्यादा होता है?
- 50 साल से ऊपर उम्र वाले लोग
- तंबाकू या शराब का ज्यादा सेवन
- मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी
- परिवार में कैंसर का इतिहास
- खराब खान-पान
- काम के दौरान खतरनाक केमिकल्स या प्रदूषण का संपर्क
कैंसर से बचाव कैसे करें?
- धूम्रपान और शराब छोड़ें
- हेल्दी और संतुलित आहार लें
- रोज़ाना एक्सरसाइज करें और वजन कंट्रोल में रखें
- हेपेटाइटिस-बी और HPV के टीके लगवाएं
- समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें
कैंसर की पहचान और इलाज
कैंसर का पता एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, एंडोस्कोपी, बायोप्सी और खून की जांच से चलता है।
इलाज में शामिल हैं:
- सर्जरी – कैंसर कोशिकाओं को निकालना
- रेडियोथेरेपी – रेडिएशन से कोशिकाओं को मारना
- कीमोथेरेपी – दवाओं से इलाज
- टारगेटेड और इम्यून थेरेपी – नई तकनीकें जो सीधे कैंसर कोशिकाओं पर असर करती हैं
यदि इलाज संभव न हो, तो दर्द और तकलीफ कम करने पर ध्यान दिया जाता है।