Edited By Mansa Devi,Updated: 09 Jan, 2026 01:09 PM

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी ताजा जानकारी सामने आई है। सरकार ने आयोग का गठन कर दिया है, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।
नेशनल डेस्क: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी ताजा जानकारी सामने आई है। सरकार ने आयोग का गठन कर दिया है, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। चूंकि 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गई है, इसलिए 1 जनवरी 2026 से नया वेतनमान ‘सैद्धांतिक’ रूप से प्रभावी माना जाएगा।केंद्रीय कर्मचारियों को यह बकाया राशि तब दिखेगी जब आयोग की रिपोर्ट को सरकार से मंजूरी मिल जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह 15 महीने बाद यानी मार्च 2027 तक संभव है।
एरियर कब और कितना मिलेगा?
आमतौर पर वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में 18 से 24 महीने का समय लगता है। यदि सरकार मार्च 2027 में इसे लागू करती है, तो कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से मार्च 2027 तक का पूरा एरियर एकमुश्त मिलेगा।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि वेतन में 25% से 35% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी मासिक सैलरी में 10,000 रुपये की बढ़ोतरी होती है, तो 15 महीने का एरियर करीब 1.50 लाख रुपये होगा। उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के लिए यह राशि 5 लाख से 10 लाख रुपये तक भी हो सकती है।
फिटमेंट फैक्टर का महत्व
एरियर और नई सैलरी पूरी तरह फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर निर्भर करेगी। कर्मचारी यूनियनों ने 3.68 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जबकि सरकार इसे 2.57 से 2.86 के बीच रख सकती है।
15 महीने का एरियर कैसे कैलकुलेट होगा?
एरियर का कैलकुलेशन इस तरह होगा:
नया बेसिक वेतन – पुराना बेसिक वेतन = अंतर (Hike)
अंतर × 15 महीने = कुल बेसिक एरियर
इसमें उस अवधि का बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (DA) और मकान किराया भत्ता (HRA) भी शामिल होगा।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
आयोग वर्तमान में विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव ले रहा है और रिपोर्ट सौंपने के लिए इसे 18 महीने (मई 2027 तक) का समय दिया गया है। डीए वर्तमान में 58%-60% के करीब पहुंच चुका है। 8वें वेतन आयोग लागू होते ही यह ‘शून्य’ होकर बेसिक सैलरी में मर्ज किया जा सकता है, हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। एकमुश्त एरियर मिलने पर कर्मचारियों पर टैक्स का भारी बोझ पड़ सकता है। इसलिए इनकम टैक्स सेक्शन 89(1) के तहत टैक्स राहत के लिए फॉर्म 10E भरना जरूरी है।