Edited By Radhika,Updated: 27 Feb, 2026 05:38 PM

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने अंगदान और देहदान को लेकर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। सीएम रेखा गुप्ता ने 'वर्दान' फिल्म फेस्टिवल के दौरान एक भावुक कर देने वाला खुलासा किया। सीएम ने कहा कि उन्होंने और उनके पति ने साल 2010 में ही अपनी मृत्यु...
नेशनल डेस्क: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने अंगदान और देहदान को लेकर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। सीएम रेखा गुप्ता ने 'वर्दान' फिल्म फेस्टिवल के दौरान एक भावुक कर देने वाला खुलासा किया। सीएम ने कहा कि उन्होंने और उनके पति ने साल 2010 में ही अपनी मृत्यु के बाद शरीर दान करने का रजिस्ट्रेशन करा लिया था। सीएम के इस कदम ने न केवल वहां मौजूद लोगों को प्रेरित किया, बल्कि अंगदान के प्रति समाज की सोच को एक नई दिशा भी दी।
अंगदान जीवन का सबसे बड़ा उपहार
सीएम ने इस मौके पर कहा कि अंगदान को केवल मेडिकल प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह किसी मरते हुए व्यक्ति को नया जीवन देने का सबसे मानवीय तरीका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों और डर को खत्म करने के लिए खुलकर संवाद करने की आवश्यकता है।

दिल्ली में SOTTO के जरिए बदली तस्वीर
रेखा गुप्ता ने राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि पहले दिल्ली में अंगदान की प्रक्रिया को लेकर किसी व्यवस्थित तंत्र का अभाव था। इस कमी को दूर करने के लिए दिल्ली में 'स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन' (SOTTO) की स्थापना की गई। मुख्यमंत्री ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि सितंबर से अब तक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 838 लोग अपना पंजीकरण करा चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर NOTTO (नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने में मदद कर रहा है।