Edited By Radhika,Updated: 20 Mar, 2026 02:29 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत आज दुनिया के ऊर्जा मानचित्र पर एक निर्णायक अध्याय लिख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का यह बदलाव मुख्य रूप से बिजलीकरण (Electrification), स्वच्छ ऊर्जा और घरेलू विनिर्माण में आई तेजी का...
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत आज दुनिया के ऊर्जा मानचित्र पर एक निर्णायक अध्याय लिख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का यह बदलाव मुख्य रूप से Electrification, स्वच्छ ऊर्जा और घरेलू विनिर्माण में आई तेजी का परिणाम है।
आत्मनिर्भरता और व्यावहारिक नीति पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया। इस लेख में भारत के ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे तीव्र परिवर्तन को रेखांकित किया गया है। पीएम मोदी ने लिखा कि "श्रीपाद नाईक जी ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि भारत का Energy Transition व्यावहारिक नीतियों और 'आत्मनिर्भरता' के स्पष्ट संकल्प से प्रेरित है। बिजलीकरण और स्वच्छ ऊर्जा पर हमारे फोकस के साथ, भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।"
वैश्विक निवेशकों को खुला निमंत्रण
इससे पहले इसी सप्ताह दिल्ली में आयोजित 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' के दौरान प्रधानमंत्री ने वैश्विक समुदाय को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने का आह्वान किया था। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होने के नाते, भारत वैश्विक निवेशकों के लिए 'इनोवेशन' और 'स्केलिंग' का सबसे बड़ा केंद्र है। पीएम ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भारत में निर्माण करने और स्थायी साझेदारी बनाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि इस तरह के शिखर सम्मेलनों का उद्देश्य पूरे पावर ईकोसिस्टम को एक मंच पर लाना है ताकि आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सके।
ऊर्जा क्षेत्र में भारत की नई पहचान
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अब केवल आयात पर निर्भर नहीं है, बल्कि सौर, पवन और अन्य Renewable Resources के माध्यम से एक 'ग्लोबल प्लेयर' के रूप में उभर रहा है।