Edited By Parveen Kumar,Updated: 16 May, 2025 09:49 PM

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत को आतंकवादियों का सफाया करने और यह सुनिश्चित करने के लिए और अधिक कठोर कार्रवाई करनी चाहिए थी कि पाकिस्तान भविष्य में उनका समर्थन नहीं करे।
नेशनल डेस्क: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत को आतंकवादियों का सफाया करने और यह सुनिश्चित करने के लिए और अधिक कठोर कार्रवाई करनी चाहिए थी कि पाकिस्तान भविष्य में उनका समर्थन नहीं करे। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार दिए गए बयानों पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच ‘संघर्ष विराम' कराने में मदद की।
सिद्धरमैया ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘कश्मीर (पहलगाम) में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी। पाकिस्तान ही वह देश है जो आतंकवादियों की मदद और उन्हें पनाह दे रहा है। मेरे हिसाब से हमें एक मौका मिला और इसका इस्तेमाल करते हुए हमें आतंकवादियों के खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई करनी चाहिए थी और यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि पाकिस्तान फिर से आतंकवादियों की मदद और सहयोग नहीं करे। आतंकवादियों का सफाया कर दिया जाना चाहिए था।''
भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक सैन्य संघर्ष के बाद 10 मई को संघर्ष समाप्त करने पर सहमति बनी थी। ‘ऑपरेशन सिंदूर' पर कुछ मंत्रियों और विधायकों द्वारा की गई टिप्पणियों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने अपनी राय व्यक्त की है जैसा कि कुछ भाजपा नेताओं और विधायकों ने भी किया है। सेना के अधिकारियों ने वही कहा है जो उन्हें कहना था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर ने बात की है।'' ‘युद्ध की कोई जरूरत नहीं' वाले अपने पूर्व के बयान पर सिद्धरमैया ने कहा कि उन्होंने कभी भी सीधे-सीधे पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध का विरोध नहीं किया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने इस रुख पर कायम हैं कि ‘‘देश, इसकी जनता और इसकी संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक होने पर ही युद्ध किया जाना चाहिए।''