Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Jan, 2026 04:58 PM

साल 2026 भारत के लिए खुशियों और विकास का पैगाम लेकर आ रहा है। इस साल देश को सात बड़े मेगा प्रोजेक्ट मिलेंगे, जो सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं बल्कि रोजगार, पर्यटन, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी नई क्रांति लाएंगे। इन परियोजनाओं की कुल लागत...
नेशनल डेस्क: नया साल 2026 भारत के लिए खुशियों और विकास का पैगाम लेकर आ रहा है। इस साल देश को सात बड़े मेगा प्रोजेक्ट मिलेंगे, जो सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं बल्कि रोजगार, पर्यटन, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी नई क्रांति लाएंगे। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 4 लाख करोड़ रुपये है और ये देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेंगी। रिपोर्ट में जानिए इन 7 प्रोजेक्ट्स की पूरी जानकारी और आम जनता के लिए इसके फायदे।
1. दिल्ली में विश्व का सबसे बड़ा नेशनल म्यूजियम
राजधानी दिल्ली में 2026 में दुनिया के सबसे बड़े नेशनल म्यूजियम का निर्माण पूरा होगा। यह संग्रहालय भारत के 5,000 साल पुराने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के वर्तमान सचिवालय की जगह बने इस संग्रहालय में 1.55 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में 950 कमरे और 25,000 से अधिक कलाकृतियां होंगी। फेज-1 जून 2026 में शुरू होगा और फेज-2 मंत्रालयों की शिफ्टिंग के बाद। म्यूजियम तैयार होने से पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
2. रामायण मंदिर
बिहार के चंपारण में 2026 में देश का सबसे बड़ा रामायण मंदिर बनकर तैयार होगा। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। मंदिर 3.76 लाख वर्ग मीटर में फैलेगा और 22 मंदिरों का समूह होगा। एक साथ 20,000 लोग यहां पूजा कर सकेंगे। मंदिर में कंबोडिया के अंकोरवाट, रामेश्वरम् और मीनाक्षी मंदिर जैसी झलकियां देखने को मिलेंगी। इसमें तमिलनाडु से लाया गया दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग भी स्थापित होगा। इस परियोजना से बिहार में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
3. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
यूपी के जेवर में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन रहा है। यह 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में फैलेगा और सालाना 5 लाख एयर ट्रैफिक मूवमेंट संभाल सकेगा। फेज-1 2026 की शुरुआत में तैयार होगा, जबकि बाकी 3 फेज 2050 तक पूरे होंगे। 29,561 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एयरपोर्ट दिल्ली-NCR और यूपी में बेहतर कनेक्टिविटी, सस्ती फ्लाइट और लॉजिस्टिक सेक्टर में बूस्ट देगा।
4. दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क
गुजरात के कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बनाया जा रहा है। 538 वर्ग किलोमीटर में फैले इस पार्क में 30 गीगावॉट बिजली उत्पादन होगा। इसमें ऑटोमेटेड रोबोटिक क्लीनिंग और AI बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम होगा। फेज-1 2026 में शुरू होगा और 2030 तक पूरी परियोजना चालू हो जाएगी। इससे 1.8 करोड़ घरों को सस्ती और प्रदूषण रहित बिजली मिलेगी।
5. धोलेरा फैब और सानंद OSAT प्लांट्स
गुजरात में भारत का पहला चिप मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। 320 एकड़ से अधिक क्षेत्र में बनने वाले इस प्लांट में हर महीने 50,000 वेफर्स तैयार होंगे। AI आधारित ऑटोमेटिक सिस्टम से संचालित यह प्लांट दिसंबर 2026 में शुरू होगा। इसके साथ ही भारत की चिप्स पर विदेशी निर्भरता कम होगी और एपल, टेस्ला जैसी कंपनियां भारत में उत्पादन बढ़ाएंगी।
6. 9 राज्यों से गुजरने वाले वेस्टर्न और ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर
देश का सबसे बड़ा मालवाहक नेटवर्क तैयार हो रहा है। 9 राज्यों से गुजरने वाले वेस्टर्न और ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से माल और यात्री ट्रेनों की गति अलग होगी। 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ियां दौड़ेंगी। मार्च 2026 तक दोनों कॉरिडोर चालू होंगे। इससे यात्रा समय और लागत कम होगी, और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
7. चार धाम यात्रा को आसान बनाने के लिएहाई-वे प्रोजेक्ट
चार धाम यात्रा को आसान बनाने के लिए 900 किलोमीटर लंबी डबल लेन सड़क बनाई जा रही है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को जोड़ने वाले इस प्रोजेक्ट में 12,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। साल 2026 के अंत तक यह प्रोजेक्ट पूरा होगा। इस सड़क से तीर्थयात्रा आसान होगी और सीमा क्षेत्र तक सैन्य लॉजिस्टिक सपोर्ट भी तेज होगा।