Edited By Parminder Kaur,Updated: 26 May, 2025 03:34 PM
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को कहा कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले कर करारा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद को बिल्कुल...
नेशनल डेस्क. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को कहा कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले कर करारा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा और इस कार्रवाई ने दुनिया को एक मजबूत संदेश दिया है।
उपराष्ट्रपति तीन दिवसीय 'कृषि उद्योग समागम' का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उन्होंने अपने संबोधन में किसानों को भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा।
किसानों का महत्व और 'कृषि उद्योग समागम' की सराहना
धनखड़ ने कहा, "किसान की जितनी पूजा की जाए, वह कम है। किसान भारत की रीढ़ की हड्डी है। वह चाहे सामाजिक हो या आर्थिक हो। किसान समरसता का एक प्रतीक भी है।" उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की कृषि को उद्योग से जोड़ने की पहल को 'बहुत बड़ी सोच' का परिणाम बताया और कहा कि आने वाले दिनों में इसका असर कृषि क्षेत्र में देखने को मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश के हर प्रांत में ऐसे समागम आयोजित होंगे।
पहलगाम हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और उसके जवाब में 7 मई को भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए धनखड़ ने कहा कि आज पूरा देश राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत है। राष्ट्र आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पहलगाम का जवाब दिया गया और इसका लोहा दुनिया ने माना है। देश के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने बिहार से संदेश दिया था कि जिन्होंने सिंदूर मिटाया है। उनको धरती पर रहने का अधिकार नहीं है।
आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले और पाकिस्तान को संदेश
उपराष्ट्रपति ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता पर जोर देते हुए कहा, "अंतरराष्ट्रीय सीमा के अंदर घुसकर आतंकवादियों के ठिकानों पर क्या सटीक बमबारी हुई... नष्ट कर दिया गया उन्हें। अब कोई प्रमाण नहीं मांग रहा है। कारण यह है कि जब उनके शव ले जाए जा रहे थे तब उनकी फौज खड़ी थी। उनके नेता खड़े थे और आतंकवादी खड़े थे। सबूत की आवश्यकता नहीं रही। उन्होंने ही यह प्रमाण विश्व के सामने दे दिया।"
उन्होंने कहा कि देश की सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए हर भारतीय का सिर ऊंचा कर दिया है और हर कोई शान से कह रहा है कि हम भारतीय हैं। उन्होंने दोहराया भारत अब बदल चुका है। भारत अब आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। धनखड़ ने 70 साल में नहीं हुए एक "कठोर निर्णय" का भी जिक्र किया कि भारत ने पाकिस्तान का पानी बंद कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा। यह बहुत बड़ा संदेश उन्होंने दिया है।
भारत का बढ़ता वैश्विक कद और आर्थिक प्रगति
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज का भारत 'आत्मविश्वासी' है और दुनिया को यह बात समझ में आ गई है। उन्होंने 116 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। उन्होंने एशिया के पावरहाउस जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए भारत की प्रशंसा की और विश्वास जताया कि बहुत जल्द भारत दुनिया की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने वाला है।
'कृषि उद्योग समागम' का उद्देश्य
इस अवसर पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित मंत्रिपरिषद के कई सदस्य, जनप्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, निर्यातक, उद्यमी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। मुख्यमंत्री यादव ने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में मां नर्मदा के योगदान पर प्रकाश डाला और कहा कि राज्य सरकार फसलों की गुणवत्ता बेहतर बनाने और खेती को लाभ का सौदा बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण में मध्य प्रदेश की कमी को स्वीकार किया और इस दिशा में जोर देने की आवश्यकता पर बल दिया।
समागम स्थल पर 'एग्री-हॉर्टी एक्सपो' के तहत आधुनिक कृषि यंत्र, ड्रोन, पॉलीहाउस, जैविक और नैनो उर्वरकों, एआई आधारित उपकरणों, दुग्ध उत्पादों, जल कृषि मॉडल और प्राकृतिक खेती के लाइव मॉडल प्रदर्शित किए गए। इस दौरान कृषि, प्रसंस्करण और निर्यात से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान, औषधीय फसलों, एफपीओ और निर्यातकों के लिए विशेष संगोष्ठियां और नेटवर्किंग सत्र भी आयोजित होंगे। राज्य सरकार ने इस आयोजन को 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' की दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल बताया है, जिससे प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और रोजगार तथा निवेश के नए अवसर उत्पन्न होंगे।