भारतीय दूतावास ने जारी की 'इमरजेंसी' एडवाइजरी, कहा- 48 घंटों तक ईरान में किसी भी हाल में बाहर न निकलें!

Edited By Updated: 07 Apr, 2026 08:40 PM

indian embassy issues emergency advisory says do not venture out for 48 hours

ईरान में चल रहे भीषण युद्ध के बीच भारतीय छात्र एंव भारतीय नागरिकों को लेकर सरकार ने ‘इमरजेंसी’ एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने ईरान में मौजूद सभी भारतीयों से कहा है क‍ि अगले 48 घंटों तक किसी भी हाल में बाहर न निकलें. यह साफ मैसेज है क‍ि ईरान में...

नेशनल डेस्क: ईरान में चल रहे भीषण युद्ध के बीच भारतीय छात्र एंव भारतीय नागरिकों को लेकर सरकार ने ‘इमरजेंसी’ एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने ईरान में मौजूद सभी भारतीयों से कहा है क‍ि अगले 48 घंटों तक किसी भी हाल में बाहर न निकलें. यह साफ मैसेज है क‍ि ईरान में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। भारतीय दूतावास ने कहा कि जो भारतीय नागरिक ईरान में जहां भी मौजूद हैं, वे अगले 48 घंटों तक उसी स्थान पर डटे रहें। अनावश्यक यात्रा या मूवमेंट से पूरी तरह बचे। क्योंकि वहां के “हालात भयावह हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान उनकी ओर से दी गई मंगलवार की नवीनतम समय-सीमा तक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने समेत एक समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो ''आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा''। अमेरिकी राष्ट्रपति की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब ईरान में हवाई हमलों में दो पुल और एक रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया गया। इस बीच, ईरानी अधिकारियों ने युवाओं से बिजली संयंत्रों की रक्षा के लिए उनके चारों ओर मानव शृंखला बनाने की अपील की है। ट्रंप ने पहले भी समयसीमा बढ़ाई थी, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि वाशिंगटन में मंगलवार रात आठ बजे तक की समयसीमा अंतिम है। इसी के साथ दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी चरम पर पहुंच गई, जिससे ईरानी नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने धमकी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता, तो उसके सभी बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा। इस जलडमरूमध्य के रास्ते शांति काल में दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि उनके सहित 1.4 करोड़ लोगों ने युद्ध लड़ने के लिए स्वेच्छा से अपनी सेवाएं देने की पेशकश की है। यह स्पष्ट नहीं है कि हालिया हवाई हमले ट्रंप की पुलों पर हमले की धमकी से जुड़े थे या नहीं। कम से कम दो लक्ष्य ईरान के रेल नेटवर्क से जुड़े थे, जिस पर इजराइल ने पहले हमले की चेतावनी दी थी। इजराइल ने ईरान की अर्थव्यवस्था को झटका देने के उद्देश्य से किए जा रहे हमलों की संख्या में लगातार वृद्धि की है।

वहीं, ईरान ने इजराइल और सऊदी अरब पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं, जिसके चलते एक प्रमुख पुल को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। ईरान हालांकि, उन्नत अमेरिकी और इजराइली हथियारों या हवाई प्रभुत्व का मुकाबला नहीं कर सकता, लेकिन जलडमरूमध्य पर उसकी पकड़ विश्व अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा रही है, जिससे ट्रंप पर देश और विदेश दोनों जगह से इस गतिरोध से बाहर निकलने का रास्ता खोजने का दबाव बढ़ रहा है। कूटनीति के रास्ते संकट को सुलझाने की प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों ने कहा कि बातचीत जारी है - लेकिन ईरान ने नवीनतम अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, और यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप के संभावित हमलों को रोकने के लिए समय पर कोई समझौता हो पाएगा या नहीं। विश्व के नेताओं और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ट्रंप ने जिस तरह की विनाशकारी कार्रवाई की धमकी दी है, वह कार्रवाई युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है।

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