Edited By Niyati Bhandari,Updated: 07 Apr, 2026 01:22 PM

IIT Baba Abhay Singh Marriage: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित अघंजर महादेव मंदिर इन दिनों खास चर्चा में है। प्रयागराज महाकुंभ से सुर्खियों में आए IIT बाबा के नाम से प्रसिद्ध अभय सिंह ने यहां कर्नाटक की इंजीनियर प्रतीका के साथ विवाह किया है। यह...
IIT Baba Abhay Singh Marriage: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित अघंजर महादेव मंदिर इन दिनों खास चर्चा में है। प्रयागराज महाकुंभ से सुर्खियों में आए IIT बाबा के नाम से प्रसिद्ध अभय सिंह ने यहां कर्नाटक की इंजीनियर प्रतीका के साथ विवाह किया है। यह विवाह केवल एक निजी आयोजन नहीं, बल्कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

महाभारत काल से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
मान्यताओं के अनुसार, यह पवित्र स्थल अर्जुन की तपोभूमि रहा है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने इसी स्थान पर प्रसन्न होकर अर्जुन को ‘पाशुपत अस्त्र’ प्रदान किया था, जो महाभारत युद्ध में विजय का महत्वपूर्ण कारण बना।
लोककथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि भगवान शिव कैलाश जाते समय इसी मार्ग से होकर गुजरते थे, जिससे इस स्थान की पवित्रता और भी बढ़ जाती है।

अघंजर महादेव मंदिर का रहस्यमयी ‘अखंड धूणा’
इस मंदिर की सबसे अनोखी पहचान यहां का अखंड धूणा है, जिसे लगभग 500 वर्षों से लगातार प्रज्वलित माना जाता है। इसे बाबा गंगा भारती द्वारा स्थापित किया गया था।
आश्चर्यजनक रूप से, इस धूणे को जलते या बुझते किसी ने नहीं देखा। श्रद्धालु समय-समय पर इसमें लकड़ियां डालते रहते हैं। मंदिर परिसर में बाबा गंगा भारती की समाधि और उनकी प्राचीन गद्दी भी मौजूद है, जहां भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
IIT से अध्यात्म तक: अभय सिंह की यात्रा
हरियाणा के झज्जर निवासी अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। पढ़ाई के बाद उन्होंने आध्यात्मिक जीवन को अपनाया और प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अपनी साधना से लोगों के बीच पहचान बनाई।
अब उन्होंने अपने जीवन के नए चरण की शुरुआत करते हुए कर्नाटक की इंजीनियर प्रतीका के साथ विवाह किया है। यह शादी धर्मशाला के SDM कोर्ट में विशेष विवाह अधिनियम के तहत संपन्न हुई।

क्यों चुना अघंजर महादेव मंदिर?
अभय सिंह के अनुसार, कांगड़ा क्षेत्र की दिव्य ऊर्जा और अघंजर महादेव मंदिर की आध्यात्मिक शक्ति ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। यही कारण है कि उन्होंने इस पवित्र स्थल के समीप ही विवाह करने का निर्णय लिया।
उन्होंने यह भी बताया कि वे यहां एक आध्यात्मिक केंद्र (आश्रम) स्थापित करने की योजना बना रहे हैं, जहां से वे समाज सेवा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का कार्य जारी रखेंगे।
अघंजर महादेव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और रहस्य का संगम है। ऐसे पवित्र स्थान पर IIT बाबा अभय सिंह का विवाह इसे और भी खास बनाता है। यह घटना आधुनिक शिक्षा और प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा के अद्भुत संगम का प्रतीक भी मानी जा रही है।
