बीमा क्लेम में कंपनी के कर्मचारी की चौंकाने वाली साजिश... बैंक डिटेल का फायदा उठा खुद ही हड़प ली बीमा राशि

Edited By Updated: 09 Sep, 2025 12:49 PM

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मुंबई के अंधेरी स्थित अंबोली पुलिस थाने में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक निजी बीमा कंपनी के कॉल सेंटर कर्मचारी ने कोविड-19 महामारी के दौरान मृत हुई महिला की बीमा पॉलिसी से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग करते हुए ₹6 लाख की राशि एक फर्जी...

नेशनल डेस्क: मुंबई के अंधेरी स्थित अंबोली पुलिस थाने में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक निजी बीमा कंपनी के कॉल सेंटर कर्मचारी ने कोविड-19 महामारी के दौरान मृत हुई महिला की बीमा पॉलिसी से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग करते हुए ₹6 लाख की राशि एक फर्जी खाते में ट्रांसफर करवा ली। इस मामले में आरोपी के. वी. करिरा (38), जो उल्हासनगर का निवासी है, के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया है।

यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब मृत महिला हिरामणि माखीजा (54) के चचेरे भाई विजय माखीजा ने 22 नवंबर 2024 को बीमा कंपनी से संपर्क कर पूछा कि क्या पॉलिसी की राशि उनके खाते में स्थानांतरित की जा सकती है। इसके बाद बीमा कंपनी ने पॉलिसी से जुड़े पुराने दस्तावेजों और ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।

कंपनी की तरफ से दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, पॉलिसी की मैच्योरिटी के बाद सबसे पहले ₹5.6 लाख का चेक 11 फरवरी 2022 को मृतक महिला के पते पर भेजा गया था, जो यह कहकर वापस लौट आया कि पते पर कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद 22 मार्च 2022 को ₹5.8 लाख का दूसरा चेक भेजा गया, लेकिन वह भी वापस लौट आया। इन दोनों प्रयासों के विफल रहने के बाद कंपनी ने कोई और कदम नहीं उठाया।

पुलिस के मुताबिक, करिरा ने मई 2023 में बीमा पॉलिसी से जुड़ी जानकारी को एक्सेस कर यह पाया कि पॉलिसीधारक की मृत्यु 30 अप्रैल 2021 को हो चुकी है और नामित व्यक्ति, यानी उसकी बहन आशा की भी मृत्यु 4 अप्रैल 2021 को हो गई थी। इस जानकारी को आधार बनाकर करिरा ने पॉलिसी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को बदल दिया और मृतक महिला के नाम से एक नया फर्जी बैंक खाता खोला। इसके बाद उसने बीमा क्लेम की प्रक्रिया को अंजाम दिया और पूरी ₹6 लाख की राशि उस फर्जी खाते में ट्रांसफर करवा ली।

जब कंपनी ने विजय माखीजा से बातचीत के बाद आंतरिक जांच शुरू की, तो करिरा को इसका पता चल गया और उसने तत्काल नौकरी छोड़ दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने दस्तावेजों में हेरफेर कर बीमा कंपनी को गुमराह किया और क्लेम की पूरी राशि स्वयं ले ली। बीमा कंपनी के मैनेजर वी. डी. टिकम द्वारा दर्ज शिकायत में बताया गया कि जैसे ही कंपनी को शक हुआ, उन्होंने तुरंत जांच शुरू की और करिरा की भूमिका स्पष्ट होते ही मामला पुलिस को सौंप दिया। फिलहाल अंबोली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी जल्द किए जाने की संभावना है।


 

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