Edited By Mehak,Updated: 23 Mar, 2026 12:53 PM

भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने iPhone, iPad और Mac यूजर्स के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार, Apple के पुराने iOS, iPadOS और macOS वर्जन में कई सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर डिवाइस पर हमला कर सकते...
नेशनल डेस्क : भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Apple डिवाइस यूजर्स के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने बताया है कि iPhone, iPad और Mac सिस्टम में कुछ सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर हमले किए जा सकते हैं। यह खतरा न केवल व्यक्तिगत यूजर्स बल्कि कंपनियों में इस्तेमाल होने वाले डिवाइसेस पर भी लागू होता है।
किन डिवाइसेस और वर्जन पर खतरा?
CERT-In के अनुसार, Apple के कई पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन इस खतरे की चपेट में हैं। macOS के 13.5, 14.2 और 14.3 से पुराने वर्जन, iOS और iPadOS के 15.8.7, 16.7.5, 16.7.15 और 17.3 से पुराने वर्जन जोखिम में बताए गए हैं। इसके अलावा इन वर्जन में इस्तेमाल होने वाला Safari ब्राउज़र भी सुरक्षित नहीं माना गया है।
साइबर अटैक का खतरा कितना गंभीर?
एजेंसी ने इन सुरक्षा खामियों को 'क्रिटिकल' श्रेणी में रखा है, जिसका मतलब है कि खतरा काफी गंभीर है। हैकर्स इन खामियों का फायदा उठाकर किसी भी टारगेटेड डिवाइस पर हमला कर सकते हैं। वे दूर से ही डिवाइस को कंट्रोल कर सकते हैं, डेटा में बदलाव कर सकते हैं और सिस्टम की मेमोरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे डिवाइस सही तरीके से काम करना बंद कर सकता है और यूजर का डेटा भी खतरे में पड़ सकता है।
यूजर्स को क्या करना चाहिए?
CERT-In ने सभी Apple यूजर्स को तुरंत अपने डिवाइसेस को अपडेट करने की सलाह दी है। Apple ने इन खामियों को ठीक करने के लिए सिक्योरिटी अपडेट जारी कर दिए हैं, जिन्हें इंस्टॉल करना जरूरी है।
यूजर्स अपने डिवाइस में जाकर सेटिंग्स (Settings) में जाएं, फिर जनरल (General) और उसके बाद सॉफ्टवेयर अपडेट (Software Update) पर क्लिक करें। यहां उपलब्ध लेटेस्ट अपडेट को डाउनलोड और इंस्टॉल करके डिवाइस को सुरक्षित बनाया जा सकता है।