महिला आरक्षण पर जयराम रमेश का पीएम मोदी पर तीखा हमला, बोले- झूठ पर आधारित है सरकार का नैरेटिव

Edited By Updated: 10 Apr, 2026 03:13 PM

jairam ramesh launches scathing attack on pm modi on women s reservation

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के क्रियान्वयन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'पाखंड और धोखे' का आरोप लगाया है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए सरकार के...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के क्रियान्वयन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'पाखंड और धोखे' का आरोप लगाया है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए सरकार के हालिया 'यू-टर्न' की कड़ी आलोचना की।

जनगणना और परिसीमन से अलग करना 'यू-टर्न'

जयराम रमेश ने दावा किया कि सरकार ने अब महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग करने का फैसला किया है। उन्होंने इसे भाजपा की चुनावी हताशा करार देते हुए कहा आगामी विधानसभा चुनावों में हार के डर से प्रधानमंत्री ने अपना रुख बदला है ताकि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में महिला मतदाताओं को लुभाया जा सके। रमेश ने कहा कि जब सितंबर 2023 में यह बिल पास हुआ था, तब कांग्रेस ने इसे 2024 के आम चुनावों से ही लागू करने की मांग की थी। लेकिन तब पीएम ने इसे जनगणना और परिसीमन के बाद (संभवतः 2029) लागू करने की शर्त रखी थी। अब सरकार कह रही है कि जनगणना में बहुत समय लगेगा, जबकि रजिस्ट्रार स्पष्ट कर चुके हैं कि नतीजे 2027 तक आ जाएंगे। ऐसे में अब इसे बिना जनगणना लागू करना सरकार की 'प्लानिंग की कमी' को दर्शाता है।

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राज्यों के प्रतिनिधित्व पर खतरा

जयराम रमेश ने आशंका जताई कि जल्दबाजी में किए गए परिसीमन से लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है। "यह कदम दक्षिण और पूर्वी भारत के राज्यों (जैसे तमिलनाडु और बंगाल) के राजनीतिक प्रभाव को कम कर सकता है और हिंदी पट्टी के राज्यों का वर्चस्व बढ़ा सकता है।"

कांग्रेस की रणनीति

केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल से संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें इस अधिनियम में संशोधन पेश किए जा सकते हैं ताकि 2029 तक कोटा सुनिश्चित हो सके। जयराम रमेश ने दोहराया कि कांग्रेस कोटे के भीतर कोटा (OBC महिलाओं के लिए आरक्षण) की अपनी मांग पर कायम है और विशेष सत्र में इस मुद्दे पर मजबूती से लड़ेगी। आज दिल्ली में होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में इस मुद्दे पर अंतिम रणनीति तय की जाएगी।

 

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