ईरान का नया बयान: अमेरिका से शांति वार्ता को तैयार, वायदे भी निभाएंगे लेकिन...!

Edited By Updated: 09 Apr, 2026 06:19 PM

iran honours its words deputy fm khatibzadeh signals readiness for peace

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने कहा कि तनाव के बावजूद तेहरान शांति वार्ता के लिए तैयार है और अपने वादों का सम्मान करता है। हालांकि, लेबनान में इज़राइली हमलों और परमाणु मुद्दे को लेकर मतभेद के कारण सीजफायर कमजोर बना हुआ है।

International Desk: मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने शांति वार्ता को लेकर अपना रुख साफ किया है। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Saeed Khatibzadeh ने कहा कि उनका देश अपने वादों का सम्मान करता है और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन हालात अभी भी बेहद नाजुक हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुए हमलों के बाद स्थिति “बहुत गंभीर” हो गई थी और ईरान को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इसके बाद पाकिस्तान के जरिए कूटनीतिक बातचीत शुरू हुई, जिससे हालात कुछ हद तक संभले।

 

खातिबजादेह ने अमेरिका पर भी जिम्मेदारी डाली और कहा कि वॉशिंगटन को अपने सहयोगी Israel को नियंत्रित करना चाहिए, ताकि सीजफायर का सही तरीके से पालन हो सके। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद जाने को तैयार है और वहां स्थायी समाधान निकालने की कोशिश करेगा। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर लेबनान को इस समझौते में शामिल नहीं किया गया, तो स्थायी शांति संभव नहीं होगी। इस मुद्दे पर विवाद और गहरा हो गया है क्योंकि इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu पहले ही कह चुके हैं कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है और वहां हमले जारी रहेंगे।

 

दूसरी ओर, ईरान के नेता Mohammad Bagher Ghalibaf ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इज़राइल ने समझौते की तीन अहम शर्तों का उल्लंघन किया है लेबनान में हमले, ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ और यूरेनियम संवर्धन के अधिकार से इनकार। ईरान का कहना है कि जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक बातचीत मुश्किल रहेगी। हालांकि, इसके बावजूद दोनों पक्ष इस्लामाबाद में वार्ता करने के लिए तैयार हैं, जहां अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व JD Vance करेंगे।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!