Edited By Tanuja,Updated: 09 Apr, 2026 04:47 PM

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनके देश के लक्ष्य या तो समझौते से या फिर युद्ध के जरिए पूरे किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब कमजोर हो चुका है। वहीं, लेबनान में हमले जारी हैं और सीजफायर पर संकट बना हुआ है।
International Desk: मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इज़राइल अपने सभी सैन्य और रणनीतिक लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करेगा। चाहे वह समझौते के जरिए हो या फिर दोबारा युद्ध शुरू करके। नेतन्याहू ने देश के लोगों की हिम्मत और सेना की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि इस संघर्ष में इज़राइल ने बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब पहले से कहीं ज्यादा कमजोर हो गया है, जबकि इज़राइल पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है।
उन्होंने उन सैनिकों और नागरिकों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस संघर्ष में अपनी जान गंवाई। साथ ही, घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस बयान के बीच जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इज़राइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने दावा किया है कि उसने बेरूत में हिज़्बुल्लाह के एक बड़े नेता के करीबी सहयोगी अली यूसुफ हर्शी को मार गिराया है। इसके अलावा, दक्षिणी लेबनान में हथियारों के ठिकानों और सप्लाई रूट्स को भी निशाना बनाया गया है।
इज़राइल का कहना है कि लेबनान में उसकी कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है। इस बात को अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई वादा नहीं किया गया था। इस बीच, इज़राइल की कार्रवाई से लेबनान में हालात और खराब हो गए हैं। लगातार हमलों के कारण वहां भारी जनहानि और तबाही की खबरें सामने आ रही हैं।