Edited By rajesh kumar,Updated: 14 Sep, 2022 05:27 PM

प्रदेश में 14 फरवरी के चुनाव से पहले नामांकन पत्र भरने के उपरांत कांग्रेस उम्मीदवारों ने एक मंदिर एवं गिरजाघर में संकल्प लिया था कि वे निर्वाचित होने पर पार्टी नहीं छोड़ेंगे।
नेशनल डेस्क: दल-बदल करने के बाद जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिगंबर कामत से, गोवा विधानसभा चुनाव से पहले मंदिर एवं गिरजाघर में कांग्रेस उम्मीदवारों द्वारा पार्टी के प्रति लिए गए निष्ठा के संकल्प के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा कि यह (दल-बदल) ईश्वर की सहमति से किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कामत एवं सात अन्य कांग्रेस विधायक अब दल-बदल कर सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गये हैं।
प्रदेश में 14 फरवरी के चुनाव से पहले नामांकन पत्र भरने के उपरांत कांग्रेस उम्मीदवारों ने एक मंदिर एवं गिरजाघर में संकल्प लिया था कि वे निर्वाचित होने पर पार्टी नहीं छोड़ेंगे। पार्टी ने संभवत: 2019 की घटना को ध्यान में रखते हुए यह ऐहतियात बरती थी। वर्ष 2019 में गोवा में कांग्रेस के 15 विधायक रातों-रात भाजपा में शामिल हो गये थे।
कांग्रेस न छोड़ने के संकल्प के बारे में पूछने पर कामत ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि भाजपा में शामिल होने से पहले वह एक बार फिर मंदिर गये थे। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं पुन: मंदिर गया और ईश्वर से पूछा कि क्या किया जाए। ईश्वर ने मुझे कहा कि तुम्हारे लिए जो भी बेहतर हो, करो।''