Edited By Anu Malhotra,Updated: 13 Oct, 2025 03:41 PM

करवा चौथ का त्योहार हर साल पति-पत्नी के बीच विश्वास और प्यार का प्रतीक होता है, जहां महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। लेकिन इस बार पंजाब के बरनाला जिले के तपा मंडी में एक ऐसी घटना हुई जिसने इस त्योहार की खुशियों को...
नेशनल डेस्क: करवा चौथ का त्योहार हर साल पति-पत्नी के बीच विश्वास और प्यार का प्रतीक होता है, जहां महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। लेकिन इस बार पंजाब के बरनाला जिले के तपा मंडी में एक ऐसी घटना हुई जिसने इस त्योहार की खुशियों को आंसुओं में बदल दिया। तपा मंडी के बाग कॉलोनी निवासी तरसेम लाल की 59 वर्षीय पत्नी आशा रानी, जिन्होंने अपने पति के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था, अचानक हुई दिल का दौरे के कारण इसी दिन रात कार्यक्रम में नाचते-नाचते चल बसीं।
खुशियों भरे कार्यक्रम में हुई दर्दनाक मौत
करवा चौथ के दिन आशा रानी अपने पति तरसेम लाल और पोती के साथ कॉलोनी में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। वहां वह अपनी सहेलियों के साथ पंजाबी गानों पर थिरक रही थीं, खुशियां मना रही थीं। लेकिन नाचते-नाचते उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे वे वहीं गिर पड़ीं और तुरंत मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही उनका परिवार अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
समाजसेवी के रूप में भी थीं सम्मानित
आशा रानी न केवल एक समर्पित पत्नी थीं, बल्कि समाज सेवा में भी सक्रिय थीं। वे अपने आसपास के लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती थीं। उनकी अचानक मौत से परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार में मातम, कार्यक्रम में मौजूद लोग सदमे में
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बताया कि आशा रानी बेहद जीवंत और खुशमिजाज थीं। पंजाबी गाने पर उनका नाचना और मस्ती भरा अंदाज देखकर कोई नहीं सोच सकता था कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने वाली है। वे गा रही थीं — "मौज मस्तीएं मान, पता नहीं की होना...कल सुबा नू की होना यार, पता नहीं की होना..." — और इसी के बीच उनका दिल असामयिक रूप से थम गया।
पति के लिए रखा गया व्रत बना अनमोल याद
करवा चौथ का व्रत सामान्यतः पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है, लेकिन इस बार आशा रानी का यह व्रत उनके पति के लिए एक अमूल्य स्मृति बन गया। तरसेम लाल और उनके परिवार पर यह सदमा गहरा है, क्योंकि व्रत खुलने से कुछ ही मिनट पहले उनका परिवार एक अनमोल सदस्य खो बैठा।