Gold price fall: युद्ध के बीच सोना अब तक 12,000 रुपये सस्ता, क्या 1 लाख तक गिरेंगे दाम?

Edited By Updated: 23 Mar, 2026 08:59 AM

gold profit booking gold price fall silver price 10 gram gold price 24 carat

आमतौर पर जब दुनिया के किसी कोने में बम और मिसाइलें बरसती हैं, तो सोने की कीमतें आसमान छूने लगती हैं। लेकिन ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण तनाव के बीच सर्राफा बाजार से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया है। युद्ध के बीच सोना महंगा होने के बजाय...

नई दिल्ली: आमतौर पर जब दुनिया के किसी कोने में बम और मिसाइलें बरसती हैं, तो सोने की कीमतें आसमान छूने लगती हैं। लेकिन ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण तनाव के बीच सर्राफा बाजार से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया है। युद्ध के बीच सोना महंगा होने के बजाय करीब 12,000 रुपये सस्ता हो गया है। जो सोना फरवरी के अंत में ₹1.59 लाख के शिखर पर था, वह मार्च के तीसरे हफ्ते तक गिरकर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसमें 14% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

क्यों उल्टा पड़ा इतिहास का पन्ना?
इतिहास गवाह है कि 1990 के खाड़ी युद्ध और 2003 की इराक जंग के दौरान निवेशकों ने सोने को सबसे सुरक्षित ठिकाना माना था और कीमतें बढ़ी थीं। मगर इस बार समीकरण बदल गए हैं। डॉलर की मजबूती ने सोने की डिमांड पर ब्रेक लगा दिया है। जब डॉलर ताकतवर होता है, तो सोना खरीदना महंगा सौदा लगने लगता है। साथ ही, साल 2025 में सोने ने करीब 74% का भारी-भरकम रिटर्न दिया था, जिसके बाद बड़े निवेशकों ने अपना मुनाफा समेटना (Profit Booking) शुरू कर दिया है, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ गई है।

भारत जैसे बड़े बाजार में भी सोने की चमक फीकी पड़ रही है। शादियों के सीजन के बावजूद कीमतों के ऊंचे स्तर को देखते हुए आम ग्राहकों ने खरीदारी से तौबा कर ली है। मुंबई जैसे महानगरों में तो ज्वेलरी की सेल में 75% तक की भारी गिरावट देखी गई है। मांग कम होने और स्टॉक ज्यादा होने से बाजार में दबाव साफ़ दिख रहा है।

भविष्य का क्या है अनुमान?
बाजार विशेषज्ञों के बीच भविष्य की कीमतों को लेकर मतभेद हैं। एक तरफ डर है कि यदि रुपया कमजोर हुआ और कच्चे तेल की कीमतें बेलगाम हुईं, तो सोना 2026 के अंत तक ₹2 लाख का आंकड़ा छू सकता है। वहीं, दूसरी तरफ चांदी में भी बड़ी उठापटक जारी है। ₹3.39 लाख के स्तर को छूने वाली चांदी अब लुढ़क कर ₹2.32 लाख पर आ गई है। हालांकि, फैक्ट्रियों और उद्योगों में चांदी की बढ़ती मांग को देखते हुए लंबी अवधि में इसके बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

कुल मिलाकर, बाजार इस वक्त एक अनिश्चित मोड़ पर खड़ा है। अगर आप निवेश की सोच रहे हैं, तो जानकारों की सलाह है कि एक साथ सारा पैसा फंसाने के बजाय धीरे-धीरे किश्तों में खरीदारी करें। सोने और चांदी की अगली चाल काफी हद तक ईरान युद्ध की दिशा और डॉलर की मजबूती पर टिकी होगी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!