RBI Fine On Banks: बैंकिंग नियमों का उल्लंघन करने पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र और CSB समेत इन 5 बैंकों पर RBI का बड़ा एक्शन

Edited By Updated: 14 Feb, 2026 01:21 PM

lead bank yojana rbi penalty csb bank bank of maharashtra dcb bank

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग और गैर-बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय बैंक ने नियामकीय दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में तीन प्रमुख बैंकों और दो गैर-बैंकिंग वित्तीय...

नेशनल डेस्क:  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग और गैर-बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय बैंक ने नियामकीय दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में तीन प्रमुख बैंकों और दो गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) पर कुल मिलाकर लाखों रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है।

RBI की पेनल्टी: 5 बड़े संस्थानों पर जुर्माना

RBI ने नियमों को अनदेखा करने पर इन बैंकों और कंपनियों पर जुर्माना लगाया है:

बैंक/कंपनी जुर्माना राशि मुख्य कारण
CSB Bank ₹63.60 लाख ग्राहकों को बिना बताए चार्ज काटना और गलत समझौते।
Bank of Maharashtra ₹32.50 लाख लोन लेने वालों का सही डेटा न देना।
DCB Bank ₹29.60 लाख गोल्ड लोन के नियमों (LTV) का पालन न करना।
IIFL Finance ₹5.30 लाख खराब लोन (NPA) की सही पहचान न करना।
Navi Finserv ₹3.80 लाख लोन वसूली के लिए ग्राहकों को गलत समय पर परेशान करना।

'अग्रणी बैंक योजना' (LBS) का कायाकल्प: RBI ने पेश किया नया फ्रेमवर्क
जुर्माने की कार्रवाई के साथ-साथ, रिजर्व बैंक ने बैंकिंग सेवाओं को जमीनी स्तर तक और प्रभावी बनाने के लिए 'अग्रणी बैंक योजना' (Lead Bank Scheme) के परिचालन ढांचे में बड़े बदलावों का प्रस्ताव दिया है।

क्या है अग्रणी बैंक योजना?
1969 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य जिला स्तर पर बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करना है। इसके तहत हर जिले के लिए एक 'Lead Bank' तय किया जाता है जो कृषि, MSME और कमजोर वर्गों तक ऋण पहुँचाने के लिए सरकार और बैंकों के बीच सेतु का काम करता है।

RBI का यह नया बदलाव 'Lead Bank Yojana' को एक नई शक्ति देने जैसा है। इसके 3 सबसे आसान मतलब ये हैं:

1. अफसर अब और भी जिम्मेदार होंगे

SLBC और LDM: ये जिले के बैंकिंग 'कैप्टन' होते हैं। अब इनकी पावर बढ़ाई जाएगी ताकि वे बैंकों और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठा सकें।

फायदा: अगर किसी इलाके में बैंकिंग की समस्या है, तो ये अधिकारी उसे ज्यादा तेजी से सुलझा पाएंगे।

2. आखिरी इंसान तक पहुंचेगा Bank

वित्तीय समावेशन: इसका सीधा मतलब है कि गाँव के सबसे दूर दराज वाले व्यक्ति को भी बैंक से जोड़ना।

फायदा: खेती के लिए लोन, छोटी दुकान के लिए पैसे या सरकारी सब्सिडी अब और भी आसानी से लोगों तक पहुंचेगी। नए और कड़े लक्ष्य तय किए जाएंगे ताकि कोई पीछे न छूटे।

3. मीटिंग्स अब सिर्फ कागजों पर नहीं होंगी

संरचनात्मक सुधार: पहले जो बैंकिंग मीटिंग्स सिर्फ औपचारिकता होती थीं, अब उन्हें 'result oriented' बनाया जाएगा।

फायदा: मीटिंग में सिर्फ चर्चा नहीं होगी, बल्कि यह देखा जाएगा कि जिले में असल में कितने लोगों को Loan मिला और कितनी योजनाएं जमीन पर उतरीं।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!