Edited By Radhika,Updated: 12 Feb, 2026 05:05 PM

RBI कुछ बैंकों द्वारा की जाने वाली मनमानी पर लगाम कसने की तैयारी में है। कई बार ऐसा देखा जाता है कि बैंक कर्मचारी अपना टारगेट पूरा करने के लिए ग्राहकों को ऐसी स्कीमें या पॉलिसी बेच देते हैं, जिनकी उन्हें जरूरत नहीं होती। लेकिन अब ऐसा करना बैंकों को...
RBI New Rules: RBI कुछ बैंकों द्वारा की जाने वाली मनमानी पर लगाम कसने की तैयारी में है। कई बार ऐसा देखा जाता है कि बैंक कर्मचारी अपना टारगेट पूरा करने के लिए ग्राहकों को ऐसी स्कीमें या पॉलिसी बेच देते हैं, जिनकी उन्हें जरूरत नहीं होती। लेकिन अब ऐसा करना बैंकों को बहुत भारी पड़ने वाला है।
गलत स्कीम बेची तो देना होगा फुल रिफंड
अक्सर लोग FD कराने बैंक जाते हैं और कर्मचारी उन्हें बातों में फंसाकर इंश्योरेंस पॉलिसी थमा देते हैं। क्रेडिट कार्ड के छिपे हुए चार्ज (Hidden Charges) छिपाना या जोखिम भरे निवेश में 'गारंटीड रिटर्न' का लालच देना अब बैंक के लिए महंगा सौदा होगा। RBI ने 'रिस्पॉन्सिबल बिजनेस कंडक्ट' (Responsible Business Conduct) का एक नया ड्राफ्ट जारी किया है।

नए नियमों के तहत ये होंगे मुख्य बदलाव
अगर यह साबित हो गया कि बैंक ने ग्राहक को गलत तरीके से प्रॉडक्ट बेचा है, तो बैंक को पूरा पैसा वापस करना होगा। इसमें कोई प्रोसेसिंग फीस या कैंसिलेशन चार्ज नहीं काटा जा सकेगा। सिर्फ पैसा वापस करना काफी नहीं होगा। उस गलत निवेश की वजह से ग्राहक को जो ब्याज का नुकसान हुआ है, बैंक को उसकी भी भरपाई भी करनी होगी। अगर बैंक का कोई थर्ड-पार्टी एजेंट भी झूठ बोलता है, तो जिम्मेदारी सीधे बैंक की तय की जाएगी।
1 जुलाई 2026 से बदलेगी बैंकिंग की दुनिया
RBI का यह नया नियम 1 जुलाई 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बैंक कर्मचारी अब ग्राहक की जेब काटने के बजाय उसकी जरूरत और आर्थिक स्थिति को समझने पर ध्यान देंगे।