Edited By Rohini Oberoi,Updated: 13 Apr, 2026 04:41 PM

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम के तहत गंज थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपहृत नाबालिग बालिका को महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में की गई इस कारर्वाई...
नेशनल डेस्क। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम के तहत गंज थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपहृत नाबालिग बालिका को महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में की गई इस कारर्वाई को प्रभावी और संवेदनशील पुलिसिंग का उदाहरण माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार 11 अप्रैल 2026 को थाना गंज में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 93/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 137(2) के तहत प्रकरण कायम कर जांच शुरू की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी सुनील लाटा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नीरज पाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित सूचना संकलन, तकनीकी साक्ष्यों और संभावित स्थानों पर दबिश देकर लगातार तलाश जारी रखी। पुलिस की सक्रियता और रणनीतिक प्रयासों के चलते बालिका का पता लगाकर उसे 24 घंटे के भीतर सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया।
आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस कारर्वाई में उप निरीक्षक किशोरीलाल सलाम, महिला प्रधान आरक्षक भारती राजपूत, प्रधान आरक्षक मंतराम और आरक्षक नवीन की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा मामलों में तत्परता सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इसी तरह जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाएगा।