Edited By Rahul Singh,Updated: 19 Oct, 2026 11:40 PM

आशुतोष रांका और सौरव रांका की पांच दिन की न्यायिक हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही थी। इसके बाद दोनों को दोपहर करीब दो बजे स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया।
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका और सौरव रांका को लेकर बड़ी खबर सामने आई हैं। दरअसल, अदालत ने दोनों की न्यायिक हिरासत को दो दिन के लिए बढ़ा दिया है। दोनों को 13 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
सोमवार को अदालत में हुई पेशी
आशुतोष रांका और सौरव रांका की पांच दिन की न्यायिक हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही थी। इसके बाद दोनों को दोपहर करीब दो बजे स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान उनकी हिरासत को दो दिन और बढ़ाने का फैसला लिया गया। पेशी से पहले सीजेपी की लीगल हेड और वकील रत्ना सिंह ने दोनों की रिहाई की मांग की थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा था कि न्यायिक हिरासत बढ़ाने का कोई उचित कारण नहीं है और दोनों को रिहा किया जाना चाहिए।
13 अक्टूबर को हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, आशुतोष रांका, सौरव रांका और सीजेपी के कुछ कार्यकर्ता 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर कथित तौर पर निजी परिसर के रास्ते पहुंचे थे। उन पर अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने और पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप हैं। इस मामले में पुलिस ने दोनों नेताओं को गिरफ्तार किया था। 14 अक्टूबर को उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
पुलिस ने हिरासत बढ़ाने के लिए क्या दलील दी?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून के बार-बार कथित उल्लंघन और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा होने की आशंका को देखते हुए न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की गई थी। वहीं, सीजेपी की ओर से दोनों नेताओं की रिहाई की मांग की गई। पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने हिरासत बढ़ाने के औचित्य पर सवाल उठाए थे।
सीजेपी के एक अन्य कार्यकर्ता को मिली रिहाई
इस मामले में सीजेपी के कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे को व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा कर दिया गया था। उन्हें छह महीने तक शांति और सदाचार बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल, आशुतोष रांका और सौरव रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।