Edited By Pardeep,Updated: 30 Oct, 2026 10:21 PM

भारत में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच जनगणना कराई जाएगी। हालांकि हिमपात प्रभावित और चुनावी क्षेत्रों में इस अवधि के दौरान यह प्रक्रिया नहीं की जाएगी। जनगणना आयुक्त ने शुक्रवार को यह घोषणा की। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, जनगणना के लिए संदर्भ...
नई दिल्लीः भारत में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच जनगणना कराई जाएगी। हालांकि हिमपात प्रभावित और चुनावी क्षेत्रों में इस अवधि के दौरान यह प्रक्रिया नहीं की जाएगी। जनगणना आयुक्त ने शुक्रवार को यह घोषणा की। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, जनगणना के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च, 2027 की मध्यरात्रि 00:00 बजे होगी।
भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर (अगली घोषणा तक), गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, लद्दाख, तथा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के हिमपात प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर शेष सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 25 जनवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का कार्य किया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार, जनगणना के लिए 'पुनरीक्षण चरण' एक मार्च 2027 से पांच मार्च 2027 तक आयोजित किया जाएगा।
इसमें कहा गया कि घर-घर जाकर जनगणना शुरू होने से ठीक पहले, 10 जनवरी 2027 से 24 जनवरी 2027 तक 'स्व-गणना' का विकल्प उपलब्ध रहेगा। अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होना है। स्वतंत्रता के बाद से यह आठवीं जनगणना है, जिसे मकानों एवं इनकी स्थिति के सूचीकरण तथा लोगों की गणना, दो चरणों में पूरा किया जाएगा। यह 10-वर्षीय कवायद 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनगणना कराने के लिए 11,718 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जो लोगों की गिनती करने का अब तक का सबसे बड़ा अभियान है।
भारत के महापंजीयक द्वारा पिछले महीने जारी अधिसूचना के अनुसार, केंद्र ने मणिपुर में जनगणना 2027 के लिए मकानों की सूची बनाने का काम टाल दिया है। देश में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जिसमें 62.32 करोड़ पुरुषों और 58.75 करोड़ महिलाओं सहित 1.21 अरब आबादी होने की बात कही गई थी। देश में उस समय 24.95 करोड़ परिवार थे।