भारत को नशामुक्त बनाएं: प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से की अपील

Edited By Updated: 30 Aug, 2026 12:38 PM

make india drug free prime minister modi appeals to the nation

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से नशे की समस्या से भारत को मुक्त कराने और युवाओं के लिए एक मजबूत भविष्य बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में मोदी ने कहा कि 'विकसित भारत के लिए...

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से नशे की समस्या से भारत को मुक्त कराने और युवाओं के लिए एक मजबूत भविष्य बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में मोदी ने कहा कि 'विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा' अभियान पूरे देश में जोर पकड़ रहा है। उन्होंने कहा, ''इसका लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है - नशामुक्त युवा, नशामुक्त भारत। आइए, हम सभी मिलकर नशामुक्त भारत और अपने युवाओं के मजबूत भविष्य के निर्माण के लिए प्रयास करें।''

'नशामुक्त भारत अभियान' 15 अगस्त 2020 को मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना (एनएपीडीडीआर) के तहत शुरू किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य जागरूकता फैलाने, समुदाय की भागीदारी, उपचार, पुनर्वास, उपचार के बाद देखभाल और सामाजिक पुनर्वास के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकना है। साथ ही, इसका लक्ष्य नशे के खिलाफ देशव्यापी जनआंदोलन को बढ़ावा देना भी है।

रेहड़ी पटरी वाले लोगों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी 'पीएम स्वनिधि योजना' का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना रेहड़ी पटरी लगाने वाली लाखों महिलाओं को अपना कारोबार बढ़ाने, आय बढ़ाने और अपने परिवारों के लिए बेहतर भविष्य बनाने में मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि 'पीएम स्वनिधि योजना' के जरिए लाखों माताओं और बहनों को नयी ताकत मिल रही है, लेकिन महिला सशक्तीकरण के इस पहलू पर उतनी चर्चा नहीं होती, जितनी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, '''पीएम स्वनिधि योजना' के लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसका मतलब है कि देशभर में लगभग 35 लाख महिलाएं अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए इस योजना से जुड़ रही हैं।'' जून 2020 में शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य कोविड महामारी के दौरान आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को सहायता देना और बंद हो चुके उनके कारोबार को दोबारा शुरू करने में मदद करना था।

योजना शुरू होने के बाद से यह सड़क किनारे सामान बेचने वालों के लिए सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने उन्हें पहचान और औपचारिक मान्यता भी दी है तथा अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को पहचान दिलाई है। शुरुआत में यह योजना 31 दिसंबर 2024 तक के लिए लागू की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2030 तक कर दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी इस समय उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर हैं। आमतौर पर 'मन की बात' का रेडियो प्रसारण कुछ दिन पहले रिकॉर्ड किया जाता है और हर महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित किया जाता है। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!