Edited By Anu Malhotra,Updated: 20 Mar, 2026 05:25 PM

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के हालातों ने भले ही गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन भारत सरकार के कड़े कदमों के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में लोगों...
नेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के हालातों ने भले ही गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन भारत सरकार के कड़े कदमों के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में लोगों के बीच फैली घबराहट (पैनिक बुकिंग) में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई है।
जहां 13 मार्च को रिफिल की मांग करीब 88 लाख तक पहुंच गई थी, वह अब घटकर 57 लाख के आसपास आ गई है। राहत की बात यह है कि हॉर्मुज के रास्ते गैस टैंकर भारत पहुँच चुके हैं और घरेलू गैस उत्पादन में भी 40 प्रतिशत का इजाफा किया गया है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि उनकी पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं (घरों की रसोई) को सुरक्षित रखना है। इसी रणनीति के तहत कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर अभी भी पाबंदी जारी है और होटल-रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायियों को उनकी जरूरत का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही मिल पा रहा है। सप्लाई चेन को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग को 94 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है, ताकि बीच में कोई गड़बड़ी न हो सके। साथ ही, मंत्रालय उन लोगों को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है जहाँ यह सुविधा उपलब्ध है; पिछले तीन दिनों में ही हजारों लोगों ने पीएनजी कनेक्शन अपनाए हैं।
गैस की किल्लत का फायदा उठाकर अवैध कमाई करने वालों के खिलाफ भी सरकार ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। देशभर में जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए 6000 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की गई है। अकेले उत्तर प्रदेश में 1100 से अधिक रेड डालकर करीब 1000 सिलेंडर जब्त किए गए और कई लोगों पर FIR दर्ज की गई है। केंद्र ने सभी राज्य सरकारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। फिलहाल पेट्रोल पंपों पर तेल की स्थिति सामान्य है और सरकार का दावा है कि आने वाले दिनों में गैस वितरण की व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू कर लिया जाएगा।