थम नहीं रहा मौत का सिलसिला... ईरानी हमले में एक और भारतीय कर्मचारी की दर्दनाक मौत: अब तक 8 भारतीयों ने तोड़ा दम

Edited By Updated: 30 Mar, 2026 08:32 AM

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middle east war: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में सुलग रही जंग की आग अब खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों को अपनी चपेट में लेने लगी है। सोमवार तड़के कुवैत के एक पावर और वाटर प्लांट पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई।...

middle east war: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में सुलग रही जंग की आग अब खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों को अपनी चपेट में लेने लगी है। सोमवार तड़के कुवैत के एक पावर और वाटर प्लांट पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। इस ताज़ा घटना के साथ ही इस युद्ध में जान गंवाने वाले भारतीयों का आंकड़ा बढ़कर 8 हो गया है, जिससे भारत में उनके परिवारों और सरकार की चिंताएं और गहरी हो गई हैं।

कुवैत के बुनियादी ढांचे पर प्रहार
कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के जरिए इस हमले की पुष्टि की है। मंत्रालय ने इसे एक "पापपूर्ण ईरानी आक्रमण" करार देते हुए बताया कि हमले में प्लांट की एक सर्विस बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, घटना के तुरंत बाद तकनीकी और आपातकालीन टीमों को काम पर लगा दिया गया ताकि बिजली और पानी की आपूर्ति पर कोई बुरा असर न पड़े और संचालन जारी रह सके।

थम नहीं रहा मौत का सिलसिला
यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय को इस युद्ध का खामियाजा भुगतना पड़ा हो। पिछले गुरुवार को ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अबू धाबी के ऊपर रोकी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से एक भारतीय नागरिक ने दम तोड़ दिया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस महायुद्ध में अब तक कुल 8 भारतीय अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि एक अभी भी लापता है। भारतीय दूतावास लगातार वहां के प्रशासन के संपर्क में है ताकि पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद की जा सके।

अमेरिका-ईरान तनाव से दहला खाड़ी क्षेत्र
यह पूरा संकट करीब पांच हफ्ते पहले तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने उन खाड़ी देशों को निशाना बनाना शुरू किया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं।   

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा संभावित वार्ताओं की चर्चा के बावजूद, संघर्ष जारी है। पिछले सप्ताह, ट्रम्प ने कहा कि वे 6 अप्रैल तक 10 दिनों के लिए ईरानी ऊर्जा सुविधाओं पर होने वाले हमलों को रोक देंगे, जबकि ईरान ने चेतावनी दी कि यदि उसकी अपनी सुविधाओं पर हमला हुआ तो वह खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचनाओं पर जवाबी कार्रवाई करेगा।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को भी प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया है - जो वैश्विक तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस के लगभग 20 प्रतिशत के लिए एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग है - जिससे ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं और वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मच गई है। इस बीच, ट्रम्प प्रशासन ने क्षेत्र में अमेरिकी मरीन तैनात कर दिए हैं और हजारों और सैनिकों को भेजने की तैयारी कर रहा है, क्योंकि संघर्ष में कोई कमी आने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।
 

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