Edited By Parveen Kumar,Updated: 27 Mar, 2026 06:10 PM

दुनिया जहां कोरोना महामारी के सबसे कठिन दौर से धीरे-धीरे उबर रही है, वहीं अब कोविड-19 का एक नया वेरिएंट BA.3.2 सामने आया है। इस वेरिएंट को अनौपचारिक रूप से ‘सिकाडा’ नाम दिया गया है, जो अब कई देशों में फैलता नजर आ रहा है। इसके सामने आने के बाद...
नेशनल डेस्क : दुनिया जहां कोरोना महामारी के सबसे कठिन दौर से धीरे-धीरे उबर रही है, वहीं अब कोविड-19 का एक नया वेरिएंट BA.3.2 सामने आया है। इस वेरिएंट को अनौपचारिक रूप से ‘सिकाडा’ नाम दिया गया है, जो अब कई देशों में फैलता नजर आ रहा है। इसके सामने आने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और लगातार इसकी निगरानी कर रही हैं।
क्यों रखा गया नाम ‘सिकाडा’
इस वेरिएंट का नाम ‘सिकाडा’ एक खास कीड़े के व्यवहार के आधार पर रखा गया है। सिकाडा कीड़े कई सालों तक जमीन के नीचे छिपे रहते हैं और फिर अचानक बड़ी संख्या में बाहर निकलते हैं। इसी तरह BA.3.2 वेरिएंट भी लंबे समय तक शांत रहा और फिर अचानक सामने आकर फैलने लगा।
कई देशों में फैलाव, अमेरिका में ज्यादा मामले
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वेरिएंट सबसे पहले 2024 के अंत में दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था। अब यह यूरोप और अमेरिका के कई हिस्सों में फैल चुका है।
अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, यह वेरिएंट 25 से ज्यादा राज्यों में अपशिष्ट जल के नमूनों में पाया गया है। फ्लोरिडा, कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क में इसके ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसके अलावा जापान, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम और केन्या समेत 20 से अधिक देशों में इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है।
ज्यादा म्यूटेशन वाला वेरिएंट
वैज्ञानिकों के अनुसार, BA.3.2 में 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे अब तक के ज्यादा म्यूटेशन वाले वेरिएंट्स में शामिल करते हैं। यह ओमिक्रॉन की BA.3 शाखा से जुड़ा है, जिसे पहले खत्म माना जा रहा था।
लक्षण क्या हैं
डॉक्टरों का कहना है कि इस वेरिएंट के लक्षण काफी हद तक ओमिक्रॉन जैसे ही हैं। इनमें शामिल हैं:
- बुखार और ठंड लगना
- लगातार खांसी
- थकान और शरीर में दर्द
- नाक बहना या बंद होना
- गले में तेज खराश
- स्वाद या गंध का कम होना
- मतली या दस्त
कितना खतरनाक है नया वेरिएंट
फिलहाल ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि BA.3.2 पहले के वेरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक है। अभी तक इसके कारण गंभीर बीमारी के मामले भी बड़े स्तर पर सामने नहीं आए हैं। भारत में भी इस वेरिएंट के व्यापक फैलाव के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्क रहना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।