COVID-19 से भी खतरनाक हो सकते हैं आने वाले हालात: ईरान युद्ध के नतीजे पर पुतिन ने दुनिया को किया अलर्ट

Edited By Updated: 27 Mar, 2026 03:03 PM

strait of hormuz west asia covid 19 vladimir putin middle east war iran isr

पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष ने दुनिया को एक नए संकट के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ती जंग के बीच Vladimir Putin ने ऐसी चेतावनी दी है, जिसने वैश्विक चिंताएं और बढ़ा दी हैं। उनका कहना है कि इस टकराव के नतीजे इतने गंभीर...

इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष ने दुनिया को एक नए संकट के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ती जंग के बीच Vladimir Putin ने ऐसी चेतावनी दी है, जिसने वैश्विक चिंताएं और बढ़ा दी हैं। उनका कहना है कि इस टकराव के नतीजे इतने गंभीर हो सकते हैं कि उनकी तुलना COVID-19 जैसी महामारी से की जा रही है - एक ऐसा दौर जिसने पूरी दुनिया की रफ्तार थाम दी थी।

27 दिनों से जारी संघर्ष में ईरान और इज़राइल एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं और इसके बीच वैश्विक व्यवस्था डगमगाने लगी है। इस तनाव का सबसे बड़ा असर ऊर्जा सप्लाई पर पड़ा है। Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री रास्ते पर रुकावट ने तेल और गैस की आवाजाही को लगभग ठहराव पर ला दिया है। नतीजा यह है कि कई देशों में ईंधन की कमी गहराने लगी है और हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कुछ जगहों पर इमरजेंसी तक घोषित करनी पड़ी है।

इसी बीच Vladimir Putin का बयान इस संकट की गंभीरता को और बढ़ा देता है। मॉस्को में कारोबार जगत के लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि इस जंग के नतीजों का अंदाज़ा लगाना फिलहाल नामुमकिन है। उनका कहना है कि जब इस संघर्ष में शामिल देश ही भविष्य को लेकर अनिश्चित हैं, तो बाकी दुनिया के लिए इसका अनुमान लगाना और भी मुश्किल हो जाता है।

COVID-19 से भी खतरनाक हो सकते हालात
पुतिन ने आगाह किया कि इस टकराव के प्रभाव बेहद गहरे हो सकते हैं। कुछ आकलन तो इसे COVID-19 जैसी वैश्विक तबाही से जोड़कर देख रहे हैं, जिसने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और विकास को झकझोर कर रख दिया था। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात भी वैसी ही बड़ी गिरावट ला सकते हैं। उन्होंने बताया कि जंग का असर केवल तेल-गैस तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। धातु, उर्वरक और अन्य उद्योगों पर भी इसका सीधा दबाव पड़ रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ती जा रही है।

इस कठिन समय में एकजुट और मजबूत रहना जरूरी
रूसी राष्ट्रपति ने अपने देश को भी चेताया कि इस कठिन समय में एकजुट और मजबूत रहना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कंपनियों और सरकार को तेल की बढ़ती कीमतों से होने वाले अतिरिक्त मुनाफे को लेकर सावधानी बरतने और संतुलित फैसले लेने की सलाह दी।

उधर, रूस के सरकारी TV पर भी माहौल की गंभीरता झलकती दिखी। एक कार्यक्रम में यह तक कहा गया कि दुनिया शायद एक बड़े युद्ध के दौर से गुजर रही है, लेकिन इसका असली अहसास लोगों को तब होगा जब यह सब खत्म हो चुका होगा। खाड़ी में बढ़ता यह टकराव अब दुनिया के लिए सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक ऐसा संकट बन चुका है जो अर्थव्यवस्था, व्यापार और आम जिंदगी - तीनों को एक साथ झकझोर रहा है।


 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!