Edited By Rohini Oberoi,Updated: 03 Sep, 2026 08:28 AM

उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'मिशन सहयोग' के अंतर्गत मध्य नोएडा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सर्विलांस सेल, मध्य नोएडा पुलिस ने तकनीकी...
नोएडा : उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'मिशन सहयोग' के अंतर्गत मध्य नोएडा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सर्विलांस सेल, मध्य नोएडा पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोटर्ल की सहायता से विभिन्न कंपनियों के 101 कीमती स्माटर्फोन बरामद किए हैं।
बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है। बुधवार को पुलिस ने संवादाताओं को बताया कि,बरामद किए गए अधिकांश मोबाइल फोन लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों, ऑटो एवं बसों में यात्रा के दौरान तथा सुबह-शाम टहलते समय कहीं गिर गए थे अथवा छूट गए थे। मोबाइल फोन गुम होने के बाद संबंधित लोगों ने मध्य नोएडा जोन के विभिन्न थानों में इसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
इसके बाद मध्य नोएडा पुलिस की सर्विलांस सेल ने गुम हुए मोबाइल फोन से संबंधित तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया। सीईआईआर पोटर्ल की तकनीकी सहायता से मोबाइल फोन को ट्रैक कर उनकी लोकेशन और उपयोग से संबंधित जानकारी जुटाई गई जिसके आधार पर पुलिस टीम ने एक-एक कर कुल 101 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता हासिल की।
बरामद किए गए मोबाइल फोन विभिन्न कंपनियों के हैं और इनमें लोगों के महंगे स्माटर्फोन भी शामिल हैं। पुलिस की इस कारर्वाई से उन लोगों को बड़ी राहत मिली जिन्होंने अपने जरूरी एवं कीमती मोबाइल फोन गुम होने के बाद उन्हें वापस पाने की उम्मीद छोड़ दी थी। पुलिस द्वारा बरामद किए गए सभी 101 मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों की पहचान एवं आवश्यक सत्यापन के बाद सुपुर्द किया गया।
मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। कई लोगों ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका गुम हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा। मोबाइल फोन प्राप्त करने वाले सभी व्यक्तियों ने गौतमबुद्धनगर पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
लोगों ने विशेष रूप से सर्विलांस सेल द्वारा तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की प्रशंसा की। पुलिस की इस कारर्वाई से यह भी स्पष्ट हुआ कि गुम हुए मोबाइल फोन की सूचना समय से पुलिस को देना और उसका आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखना कितना महत्वपूर्ण है। सीईआईआर पोटर्ल के माध्यम से मोबाइल फोन की पहचान और उसके उपयोग की निगरानी में पुलिस को मदद मिलती है जिससे गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।
गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा 'मिशन सहयोग' के तहत की गई यह कारर्वाई आमजन की संपत्ति की सुरक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण है। पुलिस का कहना है कि गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी संसाधनों और सर्विलांस प्रणाली का लगातार प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है।