Edited By Mansa Devi,Updated: 27 Feb, 2026 05:17 PM

दुनिया भर में बच्चों और टीनेजर की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बहस तेज होती जा रही है। इसी बीच Meta Platforms के स्वामित्व वाले Instagram ने एक अहम कदम उठाया है।
नेशनल डेस्क: दुनिया भर में बच्चों और टीनेजर की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बहस तेज होती जा रही है। इसी बीच Meta Platforms के स्वामित्व वाले Instagram ने एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि अगर कोई टीनेजर यूजर बार-बार आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने से जुड़े शब्द सर्च करता है, तो उसके माता-पिता को इसकी सूचना दी जाएगी। कंपनी का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य समय रहते बच्चों को मदद उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति को रोका जा सके।
क्या है नया अलर्ट सिस्टम?
अब तक इंस्टाग्राम ऐसे संवेदनशील शब्दों की सर्च को ब्लॉक कर देता था और यूजर को हेल्पलाइन या सहायता संसाधनों की जानकारी दिखाता था। लेकिन अब प्लेटफॉर्म इससे एक कदम आगे बढ़ रहा है। यदि कोई टीनएजर कम समय में कई बार सुसाइड या सेल्फ-हार्म से जुड़े शब्द खोजता है, तो प्लेटफॉर्म सीधे माता-पिता को नोटिफिकेशन भेजेगा। यह सुविधा केवल उन परिवारों के लिए उपलब्ध होगी जिन्होंने इंस्टाग्राम की वैकल्पिक सुपरविजन (निगरानी) सेटिंग को सक्रिय किया है।
किन देशों में पहले लागू होगा नियम?
कंपनी के अनुसार, यह नया फीचर सबसे पहले अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में शुरू किया जाएगा। बाद में इसे अन्य देशों में भी लागू करने की योजना है। फिलहाल इस सूची में भारत शामिल नहीं है। यह सुविधा इंस्टाग्राम के ‘टीन अकाउंट’ फीचर के तहत दी जाएगी, जिसमें पहले से ही अतिरिक्त सुरक्षा उपाय मौजूद हैं।
सरकारों का बढ़ता दबाव
ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर कई देशों ने सख्ती दिखाई है। ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर नियंत्रण से जुड़े कदम उठाए हैं। वहीं ब्रिटेन ने भी बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए कड़े नियमों पर विचार करने की बात कही है। स्पेन, ग्रीस और स्लोवेनिया जैसे देश भी नाबालिगों की सोशल मीडिया पहुंच सीमित करने के विकल्प तलाश रहे हैं। इन परिस्थितियों में टेक कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है कि वे खुद ही ठोस और जिम्मेदार कदम उठाएं।
टीन अकाउंट और माता-पिता की भूमिका
16 वर्ष से कम आयु के यूजर्स के लिए इंस्टाग्राम पर ‘टीन अकाउंट’ की सेटिंग में बदलाव करने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होती है। इसके अलावा, माता-पिता बच्चे की सहमति से अतिरिक्त निगरानी विकल्प भी जोड़ सकते हैं। नया अलर्ट सिस्टम इसी निगरानी फीचर का हिस्सा है, जिससे माता-पिता समय रहते स्थिति को समझ सकें और जरूरी कदम उठा सकें।