Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 27 Feb, 2026 07:32 PM

देश की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) ने राष्ट्रीय खातों की नई श्रृंखला जारी करते हुए आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है।
नेशनल डेस्क: देश की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) ने राष्ट्रीय खातों की नई श्रृंखला जारी करते हुए आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है।
सरकार का कहना है कि यह बदलाव अर्थव्यवस्था में आए ढांचागत परिवर्तनों, नए डेटा स्रोतों और आधुनिक गणना पद्धतियों को शामिल करने के लिए जरूरी था। 2022-23 को इसलिए चुना गया क्योंकि यह कोविड के बाद का पहला पूर्ण सामान्य वर्ष था, जिसमें सभी सेक्टरों से स्थिर और भरोसेमंद आंकड़े उपलब्ध हुए।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई गणना
नई सीरीज तैयार करते समय अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों, खासकर International Monetary Fund के क्वार्टरली नेशनल अकाउंट्स मैनुअल 2017 का पालन किया गया है। इससे जीडीपी के अनुमान अधिक सटीक और व्यापक माने जा रहे हैं। साथ ही जीएसटी और कॉरपोरेट फाइलिंग (MCA) जैसे आधुनिक डेटा स्रोतों को भी शामिल किया गया है।
हाल के वर्षों में GDP और ग्रोथ
- नई आधार वर्ष 2022-23 के अनुसार 2022-23 (आधार वर्ष): 261.18 लाख करोड़ रुपये
- 2023-24: 280.01 लाख करोड़ रुपये (7.2% वृद्धि)
- 2024-25: 299.89 लाख करोड़ रुपये (7.1% वृद्धि)
Q3 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में दमदार प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था ने मजबूत रफ्तार दिखाई। वास्तविक जीडीपी 7.8% की दर से बढ़कर 84.54 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान तिमाही (78.41 लाख करोड़ रुपये) से काफी अधिक है।
सेक्टर-वाइज ग्रोथ (2024-25)
- प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, संबद्ध गतिविधियां): 4.9%
- द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग, निर्माण, खनन): 8.0%
- सेवा क्षेत्र: 7.9%
मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग, कंस्ट्रक्शन, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल एस्टेट ने विकास को मजबूत आधार दिया।
बचत और निवेश में उछाल
- सकल बचत (2024-25): 111.13 लाख करोड़ रुपये
- (2023-24 में 95.17 लाख करोड़ रुपये)
- सकल पूंजी निर्माण (GCF): 109.25 लाख करोड़ रुपये
- (2023-24 में 100.00 लाख करोड़ रुपये)
यह संकेत देता है कि निवेश गतिविधियों में तेजी आई है।
प्रति व्यक्ति आय में लगातार सुधार
- 2022-23: ₹1,59,557
- 2023-24: ₹1,76,465
- 2024-25: ₹1,92,774
लगातार बढ़ती प्रति व्यक्ति आय से उपभोक्ता खर्च और मांग में मजबूती के संकेत मिलते हैं।
क्या बदलेगा नई सीरीज से?
नई आधार वर्ष श्रृंखला से अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होगी। सरकार के अनुसार, इससे अलग-अलग सेक्टरों के योगदान और विकास दर का बेहतर विश्लेषण संभव होगा।