Edited By Rohini Oberoi,Updated: 04 Jan, 2026 03:21 PM

चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में चीन ने एक क्रांतिकारी सफलता हासिल की है। चीनी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किया है जो उन मरीजों में भी पैंक्रियाज कैंसर (अग्नाशय का कैंसर) की पहचान कर सकता है जिनमें कोई बाहरी लक्षण...
Pancreatic Cancer: चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में चीन ने एक क्रांतिकारी सफलता हासिल की है। चीनी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किया है जो उन मरीजों में भी पैंक्रियाज कैंसर (अग्नाशय का कैंसर) की पहचान कर सकता है जिनमें कोई बाहरी लक्षण दिखाई नहीं देते। यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पैंक्रियाज कैंसर को दुनिया के सबसे खतरनाक कैंसरों में से एक माना जाता है। एप्पल (Apple) के संस्थापक स्टीव जॉब्स जैसी शख्सियत भी इस बीमारी से अपनी जंग हार गए थे। आंकड़ों के मुताबिक इस कैंसर से पीड़ित 90% मरीज 5 साल से ज्यादा जीवित नहीं रह पाते।
क्यों इतना खतरनाक है पैंक्रियाज कैंसर?
इसे अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि पैंक्रियाज (अग्नाशय) पेट के काफी अंदरूनी हिस्से में होता है। इस कारण इसमें होने वाली गांठ या ट्यूमर का अहसास तब तक नहीं होता जब तक वह काफी बड़ा न हो जाए। इसके लक्षण तब सामने आते हैं जब कैंसर शरीर के अन्य अंगों में फैल चुका होता है (एडवांस स्टेज)।
चीन का नया AI मॉडल कैसे करेगा मदद?
अबतक पैंक्रियाज कैंसर की शुरुआती जांच बहुत महंगी और जटिल थी लेकिन चीन द्वारा विकसित यह नया AI मॉडल मेडिकल स्कैन और डेटा का विश्लेषण कर उन सूक्ष्म संकेतों को पहचान लेगा जिन्हें मानवीय आंखें नहीं देख पातीं। इससे बीमारी का पता स्टेज-1 पर ही लग सकेगा जिससे मरीज के जीवित रहने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।
शुरुआती लक्षण और कारण (जिन्हें न करें नजरअंदाज)
भले ही इसके लक्षण बहुत कम दिखते हैं लेकिन शरीर के इन संकेतों पर गौर करना जरूरी है:
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त्वचा और आंखों का पीला होना: यह पीलिया (Jaundice) जैसा लग सकता है।
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अचानक वजन गिरना: बिना किसी कोशिश के वजन का तेजी से कम होना।
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पेट और पीठ दर्द: पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द जो धीरे-धीरे पीठ की ओर जाता है।