Edited By Mansa Devi,Updated: 21 Mar, 2026 10:57 AM

सरकार ने संसद में EPFO 3.0 को लेकर नई और अहम जानकारी दी है। यह पहल Employees' Provident Fund Organisation की सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, तेज और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
नेशनल डेस्क: सरकार ने संसद में EPFO 3.0 को लेकर नई और अहम जानकारी दी है। यह पहल Employees' Provident Fund Organisation की सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, तेज और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। लोकसभा में सवाल के जवाब में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री Shobha Karandlaje ने बताया कि EPFO 3.0 का मुख्य उद्देश्य कागजी काम को कम करना, क्लेम का तेजी से निपटारा करना और सभी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है, ताकि आम कर्मचारियों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सेंट्रलाइज्ड पेंशन सिस्टम से बड़ा बदलाव
EPFO 3.0 के तहत सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) लागू किया गया है, जो 1 जनवरी 2025 से पूरे देश में प्रभावी हो चुका है। इस नई व्यवस्था के तहत अब पेंशन का भुगतान एक केंद्रीकृत सिस्टम के जरिए किया जाता है। इससे पेंशनर देश के किसी भी शेड्यूल्ड बैंक की शाखा से अपनी पेंशन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इस बदलाव का सीधा फायदा हर महीने करीब 70 लाख पेंशनर्स को मिल रहा है। सरकार का कहना है कि इससे पेंशन मिलने में होने वाली देरी और तकनीकी गड़बड़ियां काफी हद तक कम हो गई हैं।
5 लाख रुपये तक के क्लेम का ऑटो सेटलमेंट
EPF सदस्यों के लिए ऑटो-सेटलमेंट की सीमा बढ़ाना एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है। पहले यह सीमा 1 लाख रुपये तक थी, जिसे अब बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 5 लाख रुपये तक के 3.52 करोड़ से अधिक क्लेम अपने आप निपटाए जा चुके हैं। लगभग 71.37 प्रतिशत एडवांस क्लेम ऑटो मोड में प्रोसेस हुए हैं और कुल मिलाकर करीब 51,620 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस व्यवस्था से क्लेम निपटाने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी तेज और सरल हो गई है।
नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर हुआ आसान
नई व्यवस्था के तहत नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को अब PF ट्रांसफर के लिए ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। 19 जनवरी 2025 से लागू इस नई प्रक्रिया में ज्यादातर मामलों में मैन्युअल क्लेम की जरूरत खत्म कर दी गई है। जिन खातों का KYC पूरा है, उनमें एम्प्लॉयर की मंजूरी की अनिवार्यता भी हटा दी गई है। कई मामलों में PF ट्रांसफर अपने आप हो जाता है। सरकार के मुताबिक, 70.5 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम ऑटोमेटिक तरीके से शुरू हुए हैं और 21.39 लाख से ज्यादा ट्रांसफर बिना एम्प्लॉयर के हस्तक्षेप के पूरे किए जा चुके हैं। इससे कर्मचारियों के लिए नौकरी बदलना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।
एमनेस्टी स्कीम 2025 से बढ़ा एनरोलमेंट
सरकार ने एम्प्लॉई एनरोलमेंट स्कीम 2025 के तहत हुई प्रगति की जानकारी भी साझा की है। इस योजना के अंतर्गत 4,815 संस्थानों ने भाग लिया है और 39,000 से ज्यादा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जारी किए गए हैं। इसके अलावा PM-VBRY के तहत मिलने वाले लाभ मार्च 2026 से शुरू होंगे, जो पात्रता के छह महीने पूरे होने के बाद मिलेंगे।
न्यूनतम पेंशन पर अभी कोई बदलाव नहीं
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठती रही है, लेकिन फिलहाल सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है। अभी भी न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह ही बनी हुई है। इस पेंशन में 8.33 प्रतिशत योगदान नियोक्ता की ओर से और 1.16 प्रतिशत योगदान सरकार की ओर से दिया जाता है। सरकार ने कहा है कि वह सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही फंड की स्थिरता और भविष्य की वित्तीय जिम्मेदारियों को ध्यान में रखना भी जरूरी है।