Edited By Radhika,Updated: 15 Jan, 2026 01:11 PM

पीएम मोदी ने आज दिल्ली में28वें CSPOC सम्मेलन का उद्दघाटन किया है। उद्दघाटन में संबोधन के दौरान कहा कि लोगों की भलाई और कल्याण हमारा संकल्प है।
नेशनल डेस्क: पीएम मोदी ने आज दिल्ली में28वें CSPOC सम्मेलन का उद्दघाटन किया है। उद्दघाटन में संबोधन के दौरान कहा कि लोगों की भलाई और कल्याण हमारा संकल्प है। इसी के साथ पीएम ने कहा कि भारत ने अपनी विविधता को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया है।
भारत ने तोड़े दुनिया के भ्रम
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने उन शंकाओं का जिक्र किया जो आजादी के समय भारत पर की जाती थीं। उन्होंने कहा, "एक समय दुनिया को संदेह था कि इतनी विविधताओं वाला देश लोकतंत्र को संभाल पाएगा या नहीं, लेकिन आज भारत ने साबित कर दिया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं स्थिरता और विकास दोनों की गारंटी हैं।"
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लास्ट माइल डिलीवरी और गरीबी उन्मूलन
प्रधानमंत्री ने भारतीय लोकतंत्र के मॉडल को 'जन-कल्याण' से जोड़ते हुए कहा कि उनके लिए लोकतंत्र का मतलब केवल वोट डालना नहीं, बल्कि हर सरकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की प्रभावी नीतियों के कारण 25 करोड़ लोग गरीबी की रेखा से बाहर आए हैं।
संबोधन की 5 बड़ी बातें:
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चौथी बार मेजबानी: भारत को चौथी बार इस राष्ट्रमंडल सम्मेलन की मेजबानी का गौरव मिला है।
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अर्थव्यवस्था की रफ्तार: भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।
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इन्फ्रास्ट्रक्चर में क्रांति: भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन गया है।
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संविधान के 75 साल: संविधान लागू होने के 75 साल के उपलक्ष्य में यह सम्मेलन लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।
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थीम: इस बार सम्मेलन का मुख्य विषय "संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी डिलीवरी" रखा गया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस अवसर पर दुनिया भर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।