Edited By Radhika,Updated: 28 Feb, 2026 05:40 PM

भारत के तकनीकी इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के सानंद में माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी (Micron Semiconductor Technology) की 'असेम्बली, टेस्ट और पैकेजिंग' (ATMP) सुविधा का भव्य उद्घाटन...
नेशनल डेस्क: भारत के तकनीकी इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के सानंद में माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी (Micron Semiconductor Technology) की 'असेम्बली, टेस्ट और पैकेजिंग' (ATMP) सुविधा का भव्य उद्घाटन किया। इस केंद्र के शुरू होने के साथ ही भारत ने वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
'मेड इन इंडिया' मेमोरी मॉड्यूल्स की पहली खेप रवाना
इस उद्घाटन के साथ ही सानंद प्लांट से व्यावसायिक उत्पादन (Commercial Production) शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यहाँ तैयार किए गए पहले 'मेड-इन-इंडिया' सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल्स की शिपमेंट भी रवाना कर दी गई है। यह उपलब्धि भारत के 'सेमीकंडक्टर मिशन' (ISM) की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
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परियोजना की मुख्य विशेषताएं
₹22,500 करोड़ से अधिक की लागत वाली यह परियोजना भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत पहला प्रस्ताव था। सितंबर 2023 में इसके भूमिपूजन के बाद रिकॉर्ड समय में निर्माण कार्य पूरा किया गया है। पूरी तरह से तैयार होने के बाद, इस प्लांट में लगभग 5,00,000 वर्ग फुट का 'क्लीनरूम स्पेस' होगा, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े रेज्ड-फ्लोर क्लीनरूम केंद्रों में से एक बनाता है। यहाँ माइक्रोन के वैश्विक नेटवर्क से आने वाले उन्नत DRAM और NAND वेफर्स को तैयार मेमोरी और स्टोरेज उत्पादों में बदला जाएगा। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करेगा।
आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम
पीएमओ ने अपने बयान में कहा कि इस सुविधा का संचालन भारत को सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए एक विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करता है। यह प्रधानमंत्री के एक लचीले और आत्मनिर्भर तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के निर्माण के दृष्टिकोण के अनुरूप है।