Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 Feb, 2026 12:48 PM

इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, आज 28 फरवरी 2026 की सुबह इजरायल ने ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर हमला शुरू कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया और स्थानीय अधिकारियों ने इन आवाजों की पुष्टि की...
Israel attack On Iran: इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, आज 28 फरवरी 2026 की सुबह इजरायल ने ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर हमला शुरू कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया और स्थानीय अधिकारियों ने इन आवाजों की पुष्टि की है। इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री ने यह जानकारी दी है कि यह हमला सबसे पहले इजरायल की तरफ से किया गया है।
ईरान-इराक ने एयरस्पेस बंद किया
ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है इतना ही नहीं इराक ने भी एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद करने की घोषणा की है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हुई बताई जा रही हैं।
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) February 28, 2026
तेहरान में धमाके और इजरायल का 'प्रोएक्टिव' रुख
शनिवार की सुबह ईरान की राजधानी तेहरान के लिए किसी भयावह सपने जैसी रही। स्थानीय चश्मदीदों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शहर के मध्य हिस्से में एक के बाद एक कम से कम तीन शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। आसमान में धुएं के गुबार देखे गए, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। हालांकि, ईरानी प्रशासन ने अभी तक इन धमाकों से हुए नुकसान या हताहतों की संख्या पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन जमीनी हालात किसी बड़ी कार्रवाई की ओर इशारा कर रहे हैं।
इधर इजरायल में रक्षा मंत्री ने आधिकारिक तौर पर इस सैन्य ऑपरेशन की पुष्टि की है. इजरायली सेना (IDF) ने इसे एक "निवारक कदम" बताया है ताकि ईरान की ओर से होने वाले संभावित खतरों को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके। पूरे इजरायल में 'प्रोएक्टिव अलर्ट' जारी किया गया है और सायरन बजाकर नागरिकों को सुरक्षित बंकरों में जाने की हिदायत दी गई है, क्योंकि इजरायल को अंदेशा है कि ईरान इस हमले का जवाब मिसाइल दागकर दे सकता है।
कूटनीति पर फिरा पानी?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह हमला उस समय हुआ जब जिनेवा में परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक समाधान की कोशिशें जारी थीं। गुरुवार को ही ईरान और अमेरिका के बीच तीसरे दौर की वार्ता संपन्न हुई थी और शनिवार को एक और महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित थी। इजरायल की इस कार्रवाई ने वार्ता की मेज पर बैठे राजनयिकों के प्रयासों को गहरे संकट में डाल दिया है।