Edited By Radhika,Updated: 01 Feb, 2026 11:19 AM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में बजट पेश करने से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष इसे 'विकसित भारत' की ओर बढ़ता कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष ने बजट भाषण शुरू होने से पहले ही इसे 'निराशाजनक' करार दे दिया है। रविवार को...
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में बजट पेश करने से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष इसे 'विकसित भारत' की ओर बढ़ता कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष ने बजट भाषण शुरू होने से पहले ही इसे 'निराशाजनक' करार दे दिया है। रविवार को बजट पेश होने की ऐतिहासिक घटना के बीच नेताओं की बयानबाजी ने आर्थिक चर्चा को राजनीतिक रंग दे दिया है।
बजट की पेशकश से पहले नेताओं ने की बयानबाजी
- प्रियंका गांधी (कांग्रेस): संसद पहुँचने पर उन्होंने दो टूक कहा, "इस बजट से मुझे कोई उम्मीद नहीं है।"
- अखिलेश यादव (सपा): सपा प्रमुख ने इसे 'विकृत बजट' (Deform Budget) बताते हुए कहा कि यह सुधार के लिए नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का बजट केवल 5% आबादी के लिए होता है और यह केवल अपने लोगों को लुभाने की कोशिश है।
- संजय सिंह (AAP): आप सांसद ने पुराने वादों का हिसाब मांगते हुए पूछा कि हर साल 2 करोड़ नौकरियों के हिसाब से 24 करोड़ नौकरियां कहां हैं? उन्होंने काला धन और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।
- मनीष तिवारी (कांग्रेस): उन्होंने अर्थव्यवस्था की ढांचागत समस्याओं और गिरते प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पर चिंता जताई और वित्त मंत्री से ईमानदारी से समाधान की उम्मीद की।
- सत्ता पक्ष का पलटवार: "यह सुधारों की एक्सप्रेस है"

वहीं, मोदी सरकार के मंत्रियों ने बजट को देश के भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया:
- गजेंद्र सिंह शेखावत: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों की तरह यह बजट भी भारत को 'विकसित राष्ट्र' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
- किरेन रिजिजू: उन्होंने इसे एक 'ऐतिहासिक बजट' करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की 'सुधार एक्सप्रेस' विकसित भारत की मंजिल की ओर तेजी से बढ़ेगी।
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