Edited By Anu Malhotra,Updated: 06 Jan, 2026 08:29 AM

पुणे की सियासत से एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर का प्रतिनिधित्व लंबे समय तक करने वाले पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाडी का मंगलवार को निधन हो गया। 82 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। बीते कुछ दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब...
नेशनल डेस्क: पुणे की सियासत से एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर का प्रतिनिधित्व लंबे समय तक करने वाले पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाडी का मंगलवार को निधन हो गया। 82 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। बीते कुछ दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी, जिसके चलते उनका पुणे के एक निजी अस्पताल में इलाज किया जा रहा था। परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज शाम को किया जाएगा।
1 मई 1944 को जन्मे सुरेश कलमाडी का जीवन राजनीति तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारतीय वायु सेना से की थी और छह वर्षों से अधिक समय तक एक पायलट के रूप में देश की सेवा की। वायु सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन का रास्ता चुना और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़कर राजनीति में कदम रखा।
पुणे से वे कई वर्षों तक लोकसभा सांसद रहे और केंद्र की पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार में रेल राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी निभाई। उनके राजनीतिक करियर की एक अनोखी उपलब्धि यह रही कि वे ऐसे इकलौते रेल राज्य मंत्री थे जिन्होंने स्वयं रेल बजट प्रस्तुत किया, जो भारतीय संसदीय इतिहास में एक विशेष रिकॉर्ड के रूप में देखा जाता है।
सुरेश कलमाडी ने सिर्फ संसद तक ही अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि पुणे की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को भी मजबूती दी। ‘पुणे महोत्सव’ और ‘पुणे अंतर्राष्ट्रीय मैराथन’ जैसी पहलों की शुरुआत कर उन्होंने शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
उनके निधन से न केवल कांग्रेस पार्टी को, बल्कि पुणे की राजनीति और सामाजिक जीवन को भी गहरा आघात पहुंचा है। समर्थक, सहयोगी और शहरवासी उन्हें एक सक्रिय जननेता और दूरदर्शी आयोजक के रूप में याद कर रहे हैं।