Edited By Radhika,Updated: 09 Feb, 2026 02:15 PM

बजट 2026-27 के लागू होते ही सिगरेट पीने वालों की जेब पर बड़ा बोझ आ गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाए जाने के बाद 1 फरवरी से देश भर में सिगरेट की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल आया है। कुछ ब्रांड्स की कीमतों में तो...
नेशनल डेस्क: बजट 2026-27 के लागू होते ही सिगरेट पीने वालों की जेब पर बड़ा बोझ आ गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाए जाने के बाद 1 फरवरी से देश भर में सिगरेट की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल आया है। कुछ ब्रांड्स की कीमतों में तो 90% तक की बढ़ोतरी देखी गई है, जिसने स्मोकर्स के होश उड़ा दिए हैं।

दामों में भारी उछाल: कौन सा ब्रांड कितना महंगा?
टैक्स के नए स्ट्रक्चर के कारण लोकप्रिय ब्रांड्स की कीमतों में भारी बदलाव हुआ है:
- स्टेलर डिफाइन पान (20 सिगरेट पैक): इसकी कीमत ₹200 से सीधे ₹380 हो गई है (करीब 90% की वृद्धि)।
- गोल्ड फ्लेक स्मॉल (10 सिगरेट पैक): ₹95 वाला पैक अब ₹140 का हो गया है (लगभग 47% की वृद्धि)।
- खुदरा सिगरेट: जो सिगरेट पहले ₹10 में मिलती थी, अब उसके लिए ₹12 से ₹15 तक चुकाने पड़ रहे हैं।

क्यों बढ़ीं कीमतें? समझें नया टैक्स गणित
सिगरेट की कीमतों में इस आग की मुख्य वजह टैक्स स्ट्रक्चर में किया गया बदलाव है। अब सिगरेट पर केवल 28% GST नहीं, बल्कि 40% GST लग रहा है। इसके अलावा सरकार ने 'हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस' और नई एक्साइज ड्यूटी भी जोड़ दी है। सिगरेट की लंबाई (75mm से 85mm) के आधार पर भी टैक्स स्लैब रिवाइज किए गए हैं, जिससे कंपनियों पर बोझ बढ़ा और उन्होंने इसे सीधे ग्राहकों पर डाल दिया।
युवाओं को दूर रखने की कोशिश
सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सिगरेट को महंगा करना तंबाकू के सेवन को कम करने का सबसे कारगर तरीका है। ऊंचे टैक्स के जरिए सरकार का लक्ष्य युवाओं और पहली बार स्मोकिंग शुरू करने वालों को हतोत्साहित करना है।