Edited By Sahil Kumar,Updated: 13 Feb, 2026 06:07 PM

तेजी से बदलती जीवनशैली और खराब खानपान के चलते कोलेस्ट्रॉल के स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। यह धीरे-धीरे रक्त वाहिकाओं में फैट जमा करता है, जिससे थकान, सांस फूलना, हाथ-पैरों में सुन्नपन और सीने में दबाव जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विशेषज्ञों का...
नेशनल डेस्कः बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान ने शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए जरूरी तो है, लेकिन इसकी अधिकता स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। बढ़ता कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे रक्त वाहिकाओं में फैट जमाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और व्यक्ति थकान, चक्कर, हाथ-पैरों में सुन्नपन या दर्द, सांस फूलना और सीने में असामान्य दबाव जैसी समस्याओं का सामना कर सकता है। कई बार आंखों के आसपास पपड़ी जैसी त्वचा या अचानक वजन बढ़ना भी उच्च कोलेस्ट्रॉल के संकेत हो सकते हैं। अधिकतर लोग इसे सामान्य थकान या उम्र बढ़ने का हिस्सा समझ लेते हैं, जबकि यह शुरुआती चेतावनी हो सकती है।
उच्च कोलेस्ट्रॉल और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक उच्च कोलेस्ट्रॉल रहने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। जब रक्त वाहिकाओं में फैट जमता है, तो अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। कभी-कभी यह अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने या छाती में तेज दर्द के रूप में भी सामने आता है। इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के उपाय
दिल्ली एमसीडी के डॉ. अजय कुमार के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने के लिए सबसे जरूरी है सही खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि। इसके लिए विशेषज्ञ बताते हैं:
- तला-भुना और अधिक फैटी फूड कम करें।
- ताजे फल, हरी सब्जियां, ओट्स, मूंगफली और अलसी जैसे हेल्दी फैट शामिल करें।
- रोज़ाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योगा या साइकिलिंग जैसी हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और धूम्रपान व शराब से दूरी बनाएं।
- नियमित जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां लें।
- तनाव कम करने के लिए ध्यान और गहरी सांस की तकनीक अपनाएं।
किन लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा अधिक
अधिक तला-भुना और फैटी भोजन करने वाले, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान और शराब लेने वाले लोग जल्दी कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, जिन परिवारों में हार्ट डिजीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या रही है, उनमें जोखिम और अधिक होता है।
समय पर सावधानी और चेकअप जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। लंबे समय तक बैठे रहने से बचें और वजन पर नजर रखें। किसी भी असामान्य लक्षण जैसे सीने में दर्द या सांस फूलना दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।