Edited By Radhika,Updated: 03 Jan, 2026 12:18 PM

कॉर्पोरेट जगत और सोशल मीडिया पर 'वर्क-लाइफ बैलेंस' को लेकर छिड़ी बहस के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक अलग और बेबाक नजरिया पेश किया है। चेन्नई में IIT मद्रास के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ कहा कि उनके जैसे हाई-प्रोफाइल पद पर "छुट्टी" या...
नेशनल डेस्क: कॉर्पोरेट जगत और सोशल मीडिया पर 'वर्क-लाइफ बैलेंस' को लेकर छिड़ी बहस के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक अलग और बेबाक नजरिया पेश किया है। चेन्नई में IIT मद्रास के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ कहा कि उनके जैसे हाई-प्रोफाइल पद पर "छुट्टी" या "वीकेंड ऑफ" जैसा कोई कॉन्सेप्ट नहीं होता, क्योंकि दुनिया शनिवार-रविवार को थम नहीं जाती।
दुनिया टाइम जोन के हिसाब से नहीं रुकती
जयशंकर ने छात्रों से संवाद करते हुए बताया कि उनकी जिंदगी किसी एक 'टाइम जोन' तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, "मेरी जिंदगी काफी उलझी हुई है। इसमें कोई 'ऑफ स्विच' या 'ऑन स्विच' नहीं है। ऐसा नहीं हो सकता कि मैं सोमवार से शुक्रवार काम करूँ और शनिवार-रविवार को सब कुछ बंद कर दूँ, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय संबंध और दुनिया की घटनाएं वीकेंड पर नहीं रुकतीं।"

बिना छुट्टी लिए कैसे मिलता है बैलेंस?
हैरानी की बात यह है कि बिना किसी औपचारिक छुट्टी के भी विदेश मंत्री खुद को तनावमुक्त रखते हैं। उन्होंने इसका "सीक्रेट" साझा करते हुए कहा कि वे संतुलन बाहर नहीं, बल्कि अपने रोजाना के रूटीन में ढूंढते हैं।
- आदतें और शौक: जयशंकर ने बताया कि वे संगीत सुनते हैं, किताबें पढ़ते हैं, फिल्में देखते हैं और खेल (स्पोर्ट्स) का भी शौक रखते हैं।
- स्थिर दिनचर्या: उनके अनुसार, अगर आपके रूटीन में फिजिकल एक्टिविटी, पढ़ने, लिखने और सोचने का समय शामिल है, तो आपको अलग से 'डिजिटल डिटॉक्स' या ब्रेक की जरूरत नहीं पड़ती।
- संतुलित जीवन: उन्होंने जोर दिया कि अनुशासन और अच्छी आदतें ही एक इंसान को स्थिर और मिलनसार बनाए रखती हैं।
पत्नी की असहमति पर लगे ठहाके
भाषण के दौरान एक मजेदार पल तब आया जब जयशंकर ने मुस्कुराते हुए अपनी पत्नी की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, "वर्क-लाइफ बैलेंस पर मेरे इन विचारों से मेरी पत्नी शायद असहमत हो सकती हैं।" विदेश मंत्री की इस हाजिरजवाबी पर हॉल में मौजूद छात्र और फैकल्टी ठहाके मारकर हंस पड़े।