Edited By Radhika,Updated: 28 Nov, 2023 01:35 PM

वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल में, साउथ एशिया सेंटर For Peace and People's Empowerment (SACPPE) ने मुंबई आतंकवादी हमलों पर मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के वाकूरा में सादात वैली एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया।
नेशनल डेस्क: वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल में, साउथ एशिया सेंटर For Peace and People's Empowerment (SACPPE) ने मुंबई आतंकवादी हमलों पर मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के वाकूरा में सादात वैली एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले की 15वीं बरसी पर आयोजित किया गया था। इसे "आतंकवाद सीमाहीन है" नाम से आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य आतंकवाद की अंतरराष्ट्रीय प्रकृति को संबोधित करना था जो दुनिया भर के समुदायों को प्रभावित करता है।
इस कार्यक्रम में उन राष्ट्रीय नायकों के बारे ज़िक्र किया गया, जिन्होंने 26/11 के हमले में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीदी प्राप्त की। कार्यक्रम की शुरुआत 26/11 के आतंकी हमले में शहीद नायकों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।

SACPPE की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि उपस्थित लोग विचारोत्तेजक चर्चा में शामिल हुए। इस इवेंट में आतंकवाद से लड़ने और अत्याचार से मुक्त दुनिया को बढ़ावा देने में सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया गया। वही इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने दर्शकों को कश्मीर, इसकी इकॉनामी, शिक्षा और जीवन के अन्य क्षेत्रों में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के कारण हुई तबाही के बारे में बातचीत की गई।
जानकारी के लिए बता दें कि 2008 में मुंबई में हुए इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा के 10 सदस्यों ने गोलीबारी और बमबारी जैसे हमलों को अंजाम दिया था। हमले के चार दिनों के दौरान, उन्होंने 166 लोगों को मार डाला और 300 को घायल कर दिया।