सिद्धरमैया का प्रधानमंत्री मोदी पर पलटवार, बोले-'आरोप लगाने से पहले तैयारी करनी चाहिए'

Edited By Updated: 11 May, 2026 09:30 PM

siddaramaiah hits back at prime minister modi

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण में "पाखंड" का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि अगली बार राज्य की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने से पहले उन्हें तैयारी करनी चाहिए। सिद्धरमैया ने दावा किया कि कर्नाटक में भाजपा की...

नेशनल डेस्क : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण में "पाखंड" का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि अगली बार राज्य की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने से पहले उन्हें तैयारी करनी चाहिए। सिद्धरमैया ने दावा किया कि कर्नाटक में भाजपा की हालत ऐसी हो गई है, जहां नेता एक-दूसरे को नीचे खींचने और "राजनीतिक आत्मघात" में लगे हैं। उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री को पहले अपने ढहते मकान को संभालना चाहिए, उसके बाद हमारे बारे में बात करनी चाहिए।"

मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया मोदी के रविवार को दिए गए उस बयान पर आई, जिसमें प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर कर्नाटक में आंतरिक सत्ता संघर्ष के कारण सुशासन प्रदान करने में "नाकाम" रहने और जनता से "विश्वासघात'' का आरोप लगाया था। मोदी ने कांग्रेस को "परजीवी पार्टी" भी बताया था।

सिद्धरमैया ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्पष्ट करना चाहिए कि रविवार को बेंगलुरु में दिया गया उनका भाषण देश के प्रधानमंत्री के रूप में था, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के रूप में था या कर्नाटक में विपक्ष के नेता के रूप में। जनता के मन में पैदा हुई इस उलझन को उन्हें दूर करना चाहिए।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणियों से राज्य की कांग्रेस सरकार नहीं, बल्कि केंद्र में उनकी अपनी सरकार की विफलता और कर्नाटक में भाजपा की खराब स्थिति झलकती है।

सिद्धरमैया ने कहा, "उनके भाषण में ऐसे व्यक्ति का पाखंड झलकता है, जो अपनी गंभीर विफलताओं पर पर्दा डालकर दूसरों की छोटी कमियां गिनाता है।'' उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे प्रधानमंत्रियों ने कभी भी ''सड़कछाप'' शैली में भाषण नहीं दिए और न ही छोटे नेताओं की तरह विपक्षी दलों को अपशब्द कहे। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी "झूठ, घटियापन, नफरत और ईर्ष्या से भरे भाषणों के जरिए प्रधानमंत्री पद की गरिमा, गंभीरता और मर्यादा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।"

सिद्धरमैया ने कहा कि भारत को 2024-25 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और गरीबी खत्म करने का दावा करने वाले प्रधानमंत्री अब लोगों से सोने की खरीद कम करने, ईंधन की खपत सीमित रखने, विदेश यात्राओं से बचने और उर्वरकों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट करना चाहिए कि यह किस तरह का विकास मॉडल है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि देश की "भ्रमित विदेश नीति" के कारण लोगों को ईंधन, रसोई गैस और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया, "प्रधानमंत्री मोदी जी, इस नाकामी के लिए आप किसे जिम्मेदार ठहराएंगे? जवाहरलाल नेहरू को? कांग्रेस पार्टी को? जवाब दीजिए।" पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को कम करने लिए मोदी ने रविवार को लोगों से ईंधन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने, सोने की खरीद संयमित करने और विदेश यात्राएं कम करने की हैदराबाद में अपील की थी।

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