Silver Price Crash: रिकॉर्ड तेजी के बाद चांदी में बड़ी गिरावट, आगे और गिर सकते हैं दाम, एक्सपर्टस ने बताया इतने हो जाएंगे रेट

Edited By Updated: 01 Feb, 2026 08:17 PM

silver prices fall sharply after record gains raising investor concerns

पिछले एक साल में सोना और चांदी रिकॉर्ड तेजी के बाद अब दबाव में हैं। जनवरी के अंत में चांदी में करीब 27% और सोने में 9% की गिरावट आई। फेड चेयरमैन की नियुक्ति से अनिश्चितता बढ़ी। गोल्ड-सिल्वर रेशियो के संकेत बताते हैं कि चांदी में आगे और करेक्शन संभव...

नेशनल डेस्कः बीते एक साल में सोने और चांदी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया, लेकिन जनवरी के अंत में आई अचानक गिरावट ने बाजार की तस्वीर बदल दी है। जहां सोना सालभर में करीब 73% चढ़ा, वहीं चांदी ने लगभग 171% का जबरदस्त रिटर्न देकर सबको चौंका दिया। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या चांदी की तेजी का दौर खत्म होने की कगार पर है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कमजोरी बनी रहती है तो जून 2026 के अंत तक चांदी की कीमतें 50 डॉलर प्रति औंस, यानी लगभग 2 लाख रुपये तक आ सकती हैं।

दो सत्रों में बदला बाजार का मूड
जनवरी के आखिरी कारोबारी दिनों में कीमती धातुओं पर दबाव साफ नजर आया। शुक्रवार को चांदी की कीमतों में करीब 27% की भारी गिरावट दर्ज की गई और भाव फिसलकर लगभग 84 डॉलर प्रति औंस तक आ गए। वहीं, सोना भी 9% टूटकर करीब 4,865 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका में मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ी अनिश्चितता मानी जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को फेडरल रिजर्व का चेयरमैन नामित किए जाने के बाद ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ गई।

तेजी के साथ बढ़ा जोखिम
आंकड़े बताते हैं कि चांदी ने जितनी तेज रफ्तार पकड़ी, उसका जोखिम भी उतना ही बढ़ता गया। द कन्वर्सेशन के अनुसार, चांदी की सालाना वोलैटिलिटी करीब 36% रही, जबकि सोने की यह लगभग 20% थी। यानी चांदी में मुनाफा जितना तेज हो सकता है, गिरावट भी उतनी ही तीखी हो सकती है।

क्या है गोल्ड-सिल्वर रेशियो
गोल्ड-सिल्वर रेशियो यह बताता है कि एक औंस सोना खरीदने के लिए कितने औंस चांदी की जरूरत होगी। हाल ही में यह अनुपात 46 तक गिर गया था, जो चांदी की असाधारण तेजी को दर्शाता है। हालांकि, ताजा गिरावट के बाद यह रेशियो फिर बढ़कर करीब 57 पर पहुंच गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब यह रेशियो 50 से नीचे चला जाता है, तो चांदी के महंगी होने के संकेत मिलने लगते हैं। इतिहास बताता है कि ऐसे स्तरों के बाद चांदी में तेज करेक्शन देखने को मिला है।

2011 की याद दिलाती स्थिति
गोल्ड-सिल्वर रेशियो का 50 से नीचे जाना आमतौर पर बहुत कम मौकों पर होता है, जैसे 2011 में देखा गया था। यह संकेत देता है कि चांदी की बड़ी तेजी का बड़ा हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है। इसके बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और गिरावट अपेक्षाकृत तेज हो सकती है।

सोने की मजबूती
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने की मजबूती आमतौर पर वैश्विक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रा कमजोरी से जुड़ी होती है। लेकिन जब चांदी, सोने से कहीं तेज भागने लगती है, तो यह अक्सर सट्टेबाजी के दौर की ओर इशारा करता है, जो निवेशकों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।

मौजूदा हालात में जानकार ‘सब या कुछ नहीं’ वाली सोच से बचने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में मुनाफावसूली कर उसका कुछ हिस्सा सोने में स्थानांतरित करना समझदारी भरा कदम हो सकता है। इससे पोर्टफोलियो में संतुलन और स्थिरता बनी रहती है।

कितनी और गिर सकती है चांदी?
चांदी को लेकर आगे का अनुमान भी सतर्क रहने का इशारा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कमजोरी बनी रहती है तो जून 2026 के अंत तक चांदी की कीमतें 50 डॉलर प्रति औंस, यानी लगभग 2 लाख रुपये तक आ सकती हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए धैर्य और अनुशासित रणनीति ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकती है।

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!