Edited By Ramanjot,Updated: 21 Jan, 2026 08:38 PM

कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। बुधवार, 21 जनवरी 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत ₹3.32 लाख प्रति किलो से ऊपर निकल गई,
Silver Price Today: कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। बुधवार, 21 जनवरी 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत ₹3.32 लाख प्रति किलो से ऊपर निकल गई, जबकि सोना 10 ग्राम के लिए करीब ₹1.58 लाख के आसपास कारोबार करता दिखा।
चांदी ने बीते सोमवार को ₹3 लाख का स्तर पार किया था और मंगलवार को ही ₹3.20 लाख के करीब पहुंच गई थी। इस रफ्तार के साथ गोल्ड और सिल्वर ETF भी अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं। खास बात यह है कि सिल्वर ETF ने 2026 में अब तक 30% से ज्यादा रिटर्न दे दिया है।
इस उछाल के बाद निवेशकों के मन में सवाल है—क्या चांदी की तेजी अभी और जारी रहेगी या अब मुनाफावसूली का समय आ गया है?
सोना-चांदी में तेजी के बड़े कारण
1. वैश्विक राजनीतिक तनाव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 देशों पर 10% टैरिफ फरवरी से लागू होगा, जिसे जून तक 25% तक बढ़ाया जा सकता है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।
2. इंडस्ट्रियल डिमांड में जबरदस्त उछाल
अब चांदी सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित नहीं रही। यह सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर्स और अन्य हाई-टेक सेक्टर्स का अहम हिस्सा बन चुकी है। ग्रीन एनर्जी और EV सेक्टर के विस्तार से चांदी की औद्योगिक मांग में तेज बढ़ोतरी हुई है।
3. सप्लाई की कमी बनी बड़ी वजह
अनुमान है कि 2026 में वैश्विक चांदी बाजार में करीब 230 मिलियन औंस की कमी रह सकती है। चीन द्वारा सख्त एक्सपोर्ट लाइसेंसिंग लागू किए जाने से निर्यात प्रभावित हुआ है, वहीं खनन उत्पादन में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो पाई है। बीते पांच वर्षों से सिल्वर मार्केट लगातार डेफिसिट में चल रहा है।
4. पिछले रिकॉर्ड भी दे रहे सपोर्ट
पिछले एक साल में चांदी की कीमतों में करीब 170% और सोने में 70% से ज्यादा की तेजी दर्ज की जा चुकी है, जिसने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है।
आगे क्या? एक्सपर्ट्स की राय और चेतावनी
हालांकि कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, लेकिन टेक्निकल चार्ट कुछ सतर्क संकेत भी दे रहे हैं। डेली चार्ट पर RSI (Relative Strength Index) में कमजोरी के संकेत दिख रहे हैं, जो ओवरबॉट कंडीशन और संभावित करेक्शन की ओर इशारा करते हैं।
- मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा तेजी की रफ्तार अब थोड़ी धीमी हो सकती है।
- जिन निवेशकों के पास पहले से लॉन्ग पोजीशन है, वे आंशिक प्रॉफिट बुकिंग पर विचार कर सकते हैं।
- नए निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी न करें और किसी करेक्शन का इंतजार करें।
हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से इंडस्ट्रियल डिमांड और सप्लाई गैप की वजह से सोने-चांदी में मजबूती बने रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
निवेश से पहले क्या रखें ध्यान में?
- बाजार में उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है
- निवेश का फैसला अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता के अनुसार करें
- विशेषज्ञ की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा
- वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखें, क्योंकि कीमतें उनसे सीधे प्रभावित होती हैं।