नेशनल स्टार्टअप डे पर युवाओं से बोले PM मोदी ‘देश के लिए दांव पर लगाई अपनी कुर्सी’

Edited By Updated: 16 Jan, 2026 04:36 PM

startup india mission 10 years completion celebration

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्टार्टअप इंडिया मिशन के 10 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर युवाओं को संबोधित किया। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने युवाओं के 'रिस्क टेकिंग' (जोखिम लेने) के जज्बे की सराहना...

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्टार्टअप इंडिया मिशन के 10 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर युवाओं को संबोधित किया। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने युवाओं के 'रिस्क टेकिंग' (जोखिम लेने) के जज्बे की सराहना करते हुए इसे अपने जीवन और राजनीति से जोड़ा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिस तरह आज का युवा कंफर्ट जोन छोड़कर नए रास्ते चुन रहा है, उन्होंने भी देशहित में कई बार अपने राजनीतिक भविष्य को दांव पर लगाकर बड़े निर्णय लिए हैं।

10 साल में 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बना युवा

 प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में देश में मात्र 4 यूनिकॉर्न थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर सवा सौ से अधिक हो चुकी है। उन्होंने 'स्टार्टअप इंडिया' को मात्र एक सरकारी योजना नहीं बल्कि एक क्रांति बताया। पीएम ने कहा, "आज मंथली सैलरी से आगे सोचने वालों को न केवल समाज में स्वीकार किया जा रहा है, बल्कि उन्हें सम्मान भी मिल रहा है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।"

पॉलिटिकल रिस्क और कड़े फैसले

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले की सरकारें चुनाव हारने या कुर्सी जाने के डर से कड़े फैसले लेने से बचती थीं। उन्होंने कहा, "साथियों, रिस्क लेना मेरी पुरानी आदत है। जिन कामों को दशकों से किसी ने हाथ नहीं लगाया क्योंकि उनमें राजनीतिक जोखिम था, मैंने उन्हें अपना दायित्व समझकर पूरा किया। अगर उन फैसलों से मेरा नुकसान होता तो वह सिर्फ मेरा होता, लेकिन फायदा आज देश के करोड़ों परिवारों को हो रहा है।"

युवाओं को दिया खुला आसमान

 पीएम ने याद दिलाया कि 10 साल पहले इनोवेशन और व्यक्तिगत प्रयासों के लिए गुंजाइश बहुत सीमित थी। हमने उस व्यवस्था को चुनौती दी और युवाओं के लिए खुला आसमान तैयार किया। उन्होंने कहा कि आज का नौजवान घिसी-पिटी जिंदगी जीने को तैयार नहीं है, वह समस्याओं का समाधान ढूंढने वाला 'प्रॉब्लम सॉल्वर' बन चुका है।

 

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