Edited By Parveen Kumar,Updated: 30 Jan, 2026 07:26 PM

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियमों को लेकर चल रहे देशव्यापी विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने विवादित प्रावधानों पर रोक लगाते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को निर्देश दिया कि वे नए सिरे से नियमों का मसौदा...
नेशनल डेस्क : यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियमों को लेकर चल रहे देशव्यापी विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने विवादित प्रावधानों पर रोक लगाते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को निर्देश दिया कि वे नए सिरे से नियमों का मसौदा तैयार करें। इसके लिए एक विशेष समिति गठित करने को भी कहा गया है, ताकि सभी पक्षों की आपत्तियों पर विचार हो सके।
अदालत के फैसले के बीच सोशल मीडिया पर अजीब दावा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद अयोध्या के संत परमहंस आचार्य के एक बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। आचार्य ने दावा किया कि यूजीसी के विवादित नियम किसी नीतिगत सोच का नहीं, बल्कि “तंत्र-मंत्र” का नतीजा थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वशीकरण किया, जिसकी वजह से ऐसे नियम बने।
“विदेशी ताकतों की जलन” का आरोप
मीडिया से बातचीत में परमहंस आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव से कुछ विदेशी ताकतें असहज हैं। उनके मुताबिक, इसी कारण अप्रत्यक्ष तरीकों का सहारा लिया गया। आचार्य ने यह भी दावा किया कि गहन ध्यान और वैदिक मंत्रों के जरिए इस कथित प्रभाव को समाप्त किया गया।

पहले तीखा विरोध, अब बदला सुर
यूजीसी नियमों को लेकर परमहंस आचार्य पहले भी खुलकर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने इन नियमों को समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया था और सरकार पर कड़े आरोप लगाए थे। यहां तक कहा गया था कि यदि नियम लागू हुए तो देश में गंभीर सामाजिक हालात बन सकते हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उनका रुख नरम पड़ता दिखा। आचार्य ने उम्मीद जताई कि सरकार ऐसे फैसले नहीं करेगी जो देश के विकास को नुकसान पहुंचाएं।

इच्छामृत्यु से पूजा तक
विवाद के चरम पर आचार्य ने यह तक कह दिया था कि नियम वापस नहीं लिए गए तो वे इच्छामृत्यु का रास्ता अपनाएंगे। बिहार चुनावों का हवाला देते हुए उन्होंने राजनीतिक नुकसान की भविष्यवाणी भी की थी। लेकिन अदालत की रोक के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री की कुशलता और दीर्घायु के लिए पूजा-पाठ जारी रखने की बात कही।