1 अप्रैल 2026 से बदल जाएगा इनकम टैक्स का पूरा सिस्टम, टैक्सपेयर्स पर क्या पड़ेगा असर

Edited By Updated: 09 Feb, 2026 10:24 PM

the entire income tax will change from april 1 2026

देश की टैक्स प्रणाली एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। 1 अप्रैल 2026 से भारत में इनकम टैक्स से जुड़े नियम पूरी तरह नए रूप में लागू होने वाले हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 और ड्राफ्ट टैक्स रिटर्न फॉर्म जारी कर दिए...

नेशनल डेस्क : देश की टैक्स प्रणाली एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। 1 अप्रैल 2026 से भारत में इनकम टैक्स से जुड़े नियम पूरी तरह नए रूप में लागू होने वाले हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 और ड्राफ्ट टैक्स रिटर्न फॉर्म जारी कर दिए हैं, जिससे पहली बार यह तस्वीर साफ हुई है कि नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 जमीन पर कैसे काम करेगा।

इन ड्राफ्ट नियमों पर आम लोगों से राय मांगी गई है। टैक्सपेयर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स एक्सपर्ट्स और इंडस्ट्री बॉडीज 22 फरवरी 2026 तक अपने सुझाव दे सकते हैं। विभाग का कहना है कि इस बार नियम बनाने की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया जा रहा है, ताकि असल जिंदगी की जरूरतों के मुताबिक कानून तैयार हो सके।

1961 के कानून का अंत, नई टैक्स व्यवस्था की शुरुआत

अब तक देश में इनकम टैक्स से जुड़े नियम 1961 के कानून और 1962 के नियमों के तहत चलते आ रहे थे। यानी करीब 60 साल पुरानी व्यवस्था। नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 इन्हीं नियमों की जगह लेगा और 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। सरकार का फोकस टैक्स सिस्टम को आधुनिक, सरल और कम विवादों वाला बनाने पर है।

इसी मकसद के तहत नियमों की संख्या में बड़ी कटौती की गई है। जहां पहले 511 नियम थे, वहीं अब इन्हें घटाकर 333 कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि कम नियम, साफ भाषा और स्पष्ट प्रक्रिया से टैक्सपेयर्स और विभाग के बीच टकराव भी घटेगा।

टैक्सपेयर्स को क्या मिलेगा नया?

टैक्स जानकारों के मुताबिक, ड्राफ्ट में सुझाए गए नए नियम मौजूदा इनकम टैक्स रूल्स, 1962 की जगह लेंगे, जो आज के डिजिटल और तेज़ आर्थिक माहौल के लिहाज से पुराने पड़ चुके थे। नए सिस्टम में टैक्स रिटर्न फॉर्म को भी ज्यादा आसान और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली बनाया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग को ध्यान में रखते हुए ऑटोमेटेड रिकॉन्सिलिएशन, प्री-फिल्ड डेटा और कम मैनुअल एंट्री जैसे फीचर्स को प्राथमिकता दी जा रही है।

कम नियम, कम फॉर्म, ज्यादा सहूलियत

आयकर विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित इनकम टैक्स रूल्स, 2026 में न सिर्फ नियमों की संख्या घटाई गई है, बल्कि टैक्स फॉर्म्स भी काफी कम कर दिए गए हैं। जहां पुराने सिस्टम में 399 फॉर्म थे, वहीं नए ढांचे में यह संख्या घटकर 190 रह जाएगी।

इसके साथ ही भाषा को सरल बनाया गया है और ऐसे कई अनुपालन (Compliance) हटा दिए गए हैं, जिनकी अब जरूरत नहीं मानी जा रही थी।

कुल मिलाकर, सरकार 2026 से एक ऐसे इनकम टैक्स सिस्टम की तैयारी में है जो कम जटिल, ज्यादा डिजिटल और आम टैक्सपेयर्स के लिए समझने में आसान हो- और यही वजह है कि इस बदलाव को भारत की टैक्स व्यवस्था का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है।

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